चंडीगढ़: हरियाणा के छह जिलों में भूजल रिचार्ज में कमी आने की आशंका के बीच आज हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) होने जा रहा है। इस समझौते को दोनों राज्यों के जल प्रबंधन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चार महीने की अवधि में 30 दिनों तक पानी की आपूर्ति किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इससे दोनों राज्यों के बीच जल वितरण को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूजल स्तर में गिरावट और कम रिचार्ज की स्थिति को देखते हुए सतही जल का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है। ऐसे समझौते जल संसाधनों के संतुलित उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सिंचाई, पेयजल और अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित करना है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भूजल संरक्षण और रिचार्ज को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी रहेंगे।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी समझौते के बाद इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा पर काम करेंगे, ताकि तय शर्तों के अनुसार दोनों राज्यों को इसका लाभ मिल सके।
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