पलवल: हरियाणा के पलवल में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सिजेरियन डिलीवरी किए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो सोमवार को संबंधित चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
प्रशासन के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध बिजली बैकअप व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों और आपातकालीन प्रबंधन की भी समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि अस्पताल में लगे इनवर्टर में तकनीकी खराबी थी, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की बिजली बैकअप व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
महत्वपूर्ण: इनवर्टर में तकनीकी खराबी संबंधी जानकारी प्रारंभिक जांच पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
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