हरियाणा: प्रदेश के एक गांव में हेपेटाइटिस के बढ़ते मामलों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक छात्रा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमों ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का दावा है कि 25 से अधिक बच्चे बीमार हैं और उनका उपचार विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में सर्वे, जांच और आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। बीमार बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है तथा संदिग्ध मामलों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के लिए लगभग ₹3 करोड़ की लागत से तैयार की गई पेयजल परियोजना लंबे समय से बंद पड़ी है। उनका कहना है कि यदि यह परियोजना समय पर संचालित होती तो लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सकता था। हालांकि परियोजना के बंद रहने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन का कहना है कि पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण: हेपेटाइटिस के मामलों की संख्या, बीमारी के कारण और पेयजल परियोजना से संभावित संबंध की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।
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