हरियाणा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) की स्थापना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संभावित स्थानों में हिसार को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसकी प्रमुख वजह शहर के निकट GLF की हजारों एकड़ खाली भूमि का उपलब्ध होना बताया जा रहा है, जो बड़े शैक्षणिक संस्थान की स्थापना के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
जानकारों के अनुसार, IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के लिए पर्याप्त भूमि, बेहतर सड़क और रेल संपर्क, भविष्य के विस्तार की संभावना तथा आवश्यक बुनियादी सुविधाएं महत्वपूर्ण मापदंड होते हैं। हिसार इन मानकों पर अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिखाई देता है। हालांकि, अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से अंतिम स्थान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हिसार के अलावा सिरसा, कुरुक्षेत्र और करनाल भी IIT की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इन शहरों की ओर से भी अपने-अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, शैक्षणिक वातावरण, परिवहन सुविधाओं और विकास की संभावनाओं को प्रमुख आधार बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हरियाणा में नया IIT स्थापित होता है, तो इससे उच्च तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो सकती है। साथ ही राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
फिलहाल IIT की स्थापना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं द्वारा सभी आवश्यक मानकों, भूमि उपलब्धता और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के बाद लिया जाएगा। इसलिए किसी भी शहर को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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