हरियाणा में मानसून सुस्त, औसत से 24% कम बारिश; रोहतक-पानीपत में सूखे जैसे हालात

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Haryana Weather

हरियाणा में इस वर्ष मानसून की रफ्तार अपेक्षा से धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जहां इस अवधि तक 129.9 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं वास्तविक बारिश इससे काफी कम रिकॉर्ड की गई है। कम वर्षा के कारण कई जिलों में खेती और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

सबसे अधिक असर रोहतक और पानीपत जैसे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश की कमी के चलते सूखे जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में नमी कम होने से किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त निर्भर रहना पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की कमी के साथ तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। करनाल प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रिकॉर्ड किया गया। उमस और गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल रहती है तो प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों पर नजर रखने तथा फसल प्रबंधन की योजना उसी के अनुसार बनाने की सलाह दी है। वहीं नागरिकों से भी मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की गई है।

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