‘म्हारा गांव, जगमग गांव’ योजना में सफीदों के 5 गांव शामिल

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सफीदों, (एस• के• मित्तल) : हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “म्हारा गांव, जगमग गांव” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत उपमंडल के गांव मलार, होशियारपुरा, रोजला, कलावती और बिटानी को शामिल किया गया है। यह जानकारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) ऑपरेशन प्रभात दयोलका ने दी। उन्होंने बताया कि जना के लागू होने के बाद इन गांवों में निर्धारित समय के अनुसार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे न केवल ग्रामीणों को राहत मिली है, बल्कि खेती, छोटे उद्योगों और घरेलू कार्यों में भी सुविधा बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन इस योजना के माध्यम से सरकार ने इस दिशा में ठोस पहल की है। एसडीओ प्रभात दयोलका ने कहा कि “म्हारा गांव, जगमग गांव” योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, जिससे लाइन लॉस कम हो और बिजली चोरी पर भी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पुराने और जर्जर नंगे तारों को हटाकर उनकी जगह इंसुलेटेड एरियल बंच्ड केबल लगाई जा रही हैं, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और सुचारू हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि गांवों में बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और नई बिजली लाइनें बिछाई गई हैं। इससे ओवरलोडिंग की समस्या कम हुई है और बिजली कटौती में भी कमी आई है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई अन्य प्रावधान भी किए गए हैं। योजना के तहत पुराने बिजली बिलों के बकाया भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को आसान किस्तों की सुविधा दी जा रही है और सरचार्ज भी माफ किया जा रहा है। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिल रही है और वे समय पर अपने बिलों का भुगतान कर पा रहे हैं। इसके अलावा नए बिजली कनेक्शन और लोड बढ़ाने के लिए किए गए आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ता। एसडीओ ने बताया कि गांवों में नियमित रूप से बिजली पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाता है। इन पंचायतों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि वे बिजली का सही उपयोग करें और चोरी जैसी गतिविधियों से दूर रहें।

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