दिवंगत पत्रकारों के परिवारों का सहारा बना हरियाणा पत्रकार संघ अब तक की जा चुकी है 2.60 करोड़ की मदद: केबी पंडित

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Haryana Patrakar Sangh
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : हरियाणा पत्रकार संघ ने दिवंगत पत्रकारों के परिवारों के लिए सहयोग और संवेदना की मिसाल कायम करते हुए अब तक कुल 2 करोड़ 60 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस उपलब्धि के साथ संघ देश का पहला ऐसा पत्रकार संगठन बन गया है, जिसने अपने दिवंगत साथियों के परिजनों के लिए इतने बड़े स्तर पर आर्थिक सहयोग जुटाया है। यह जानकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष के.बी. पंडित ने सफीदों में आयोजित दिवंगत पत्रकार विक्रम की श्रद्धांजलि सभा के उपरांत पत्रकार वार्ता के दौरान दी। बता दें कि श्रद्धांजलि सभा के दौरान दिवंगत पत्रकार विक्रम के परिवार को 14 लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) सौंपी गई। यह राशि पत्रकारों के सामूहिक सहयोग और समाज के सहयोग से एकत्रित की गई। पत्रकारों से बातचीत में के.बी. पंडित ने कहा कि हरियाणा पत्रकार संघ हमेशा से पत्रकारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी तरह सेवा करता रहेगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी संघ ने मेवात के दिवंगत पत्रकार कौशल किशोर सिंगला की विधवा को 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि पत्रकारों के परिवारों को सामाजिक और मानसिक संबल प्रदान करना भी है। उन्होंने आगे बताया कि संघ की पहल पर वृद्ध पत्रकारों को 15 हजार रुपये मासिक पेंशन दिलाने का कार्य भी किया गया है, जो पत्रकार हित में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा संघ ने पत्रकारों के लिए 5 लाख रुपये की कैशलैस चिकित्सा बीमा योजना लागू करने की मांग सरकार के समक्ष रखी है। हालांकि, यह योजना फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण लंबित है। पंडित ने मुख्यमंत्री से अपील की कि इस योजना को जल्द लागू किया जाए, ताकि पत्रकारों को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों में राहत मिल सके। के.बी. पंडित ने यह भी कहा कि संघ पत्रकारों के लिए पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना और लघु समाचार पत्रों व डिजिटल मीडिया को मान्यता दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में डिजिटल मीडिया को भी पूर्ण मान्यता मिल जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया को विज्ञापन देने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, जो इस दिशा में सकारात्मक पहल है।

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