सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के शहर के रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब स्टेशन के बाहर निकास मार्ग पर बना एक गेट अचानक भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि घटना के समय वहां कोई यात्री मौजूद नहीं था, अन्यथा गंभीर जनहानि हो सकती थी। जानकारी के अनुसार, पानीपत से जींद की ओर जाने वाली यात्री रेलगाड़ी कुछ ही समय पहले स्टेशन से रवाना हुई थी और उस ट्रेन से उतरे यात्री गेट को पार कर चुके थे। इसी दौरान अचानक गेट गिर गया। अगर यह हादसा कुछ मिनट पहले होता, तो कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही गेट गिरा, तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिससे आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रेलवे प्रशासन को सूचना दी। रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के लिए अलग-अलग चांदनुमा गेट बनाए गए हैं। इनमें से एक गेट के गिरने के बाद दूसरे गेट की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जिसके बाद रेलवे ने दूसरे गेट को भी गिरा दिया। घटना के बाद जब रेलवे के असिस्टेंट इंजीनियर, पानीपत पंकज हुड्डा से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक इस घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे और पता लगाएंगे कि गेट किस कारण से गिरा। हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि ये गेट कब बनाए गए थे और इन्हें असुरक्षित घोषित करने की प्रक्रिया क्या है, तो उन्होंने इस विषय में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
बाक्स:
खानसर चौक की घटना की यादें हुईं ताजा
रेलवे स्टेशन पर गिरे इस गेट ने शहर में कुछ वर्ष पहले हुई एक अन्य घटना की यादें भी ताजा कर दी हैं। नगर के ऐतिहासिक खानसर चौक पर बना पत्थर का स्वागत द्वार भी निर्माण के महज पखवाड़े भर के भीतर ही गिर गया था। यह चौक शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, लेकिन उस समय भी संयोगवश कोई व्यक्ति गेट के नीचे नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था। हालांकि इस घटना के बाद नगर में काफी हंगामा हुआ था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे। बताया गया था कि करीब 15 लाख रुपये की लागत से बने उस गेट का निर्माण ठेकेदार द्वारा करवाया गया था, लेकिन उसने आगे किसी अन्य व्यक्ति को काम सौंप दिया। आरोप लगे थे कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया था कि गेट के निर्माण में आवश्यक बीम नहीं लगाया गया था, जिसके कारण उसकी संरचना कमजोर रही और वह गिर गया।
![]()











