चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में शिकायतकर्ता महिला कोच ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर नए आरोप लगाए हैं। महिला कोच का दावा है कि उसे अलग-अलग लोगों के जरिए धमकियां दिलवाई जा रही हैं। संदीप सिंह इन आरोपों से पहले भी इनकार करते रहे हैं और मामले को झूठा बताते रहे हैं।
महिला कोच ने अपने लाइव वीडियो में आरोप लगाया कि जूनियर वकीलों और कुछ कोचों के माध्यम से उस पर दबाव बनाने और धमकाने की कोशिश की जा रही है। उसने कहा कि इस मामले के कारण उसके करियर और निजी जीवन पर गंभीर असर पड़ा है और अब वह कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
महिला कोच ने वीडियो में अपने करियर को नुकसान पहुंचाने, उसके दोस्तों और परिवार को परेशान करने तथा मामले को प्रभावित करने की कोशिश किए जाने जैसे कई आरोप भी लगाए। इसके अलावा उसने पैसों की पेशकश किए जाने का भी दावा किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े तथ्यों पर अदालत में सुनवाई जारी है।
इस बीच मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित IPC की धारा 376 के साथ धारा 511 जोड़ने की मांग को लेकर अदालत में मामला पहुंचा है। इस मांग से संबंधित रिवीजन पिटीशन पर चंडीगढ़ की अदालत ने संदीप सिंह समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित है।
इससे पहले अभियोजन पक्ष ने भी उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड और महिला कोच के बयान के आधार पर दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने की मांग की थी। निचली अदालत ने मई में यह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उस आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन पिटीशन दाखिल की गई।
मामले की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई थी। महिला कोच ने आरोप लगाया था कि 1 जुलाई 2022 को उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित तत्कालीन मंत्री के सरकारी आवास पर बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत के बाद 31 दिसंबर 2022 को चंडीगढ़ पुलिस ने केस दर्ज किया था।
पुलिस ने जांच के बाद अगस्त 2023 में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जुलाई 2024 में अदालत ने संदीप सिंह के खिलाफ IPC की धारा 354, 354-A, 354-B, 506 और 509 के तहत आरोप तय किए थे। अदालत ने उस समय दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग स्वीकार नहीं की थी।
महिला कोच का कहना है कि उसके आरोप केवल छेड़छाड़ या यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं हैं और मामले में दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित धाराएं भी लगनी चाहिए। इस मुद्दे पर अब अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
दूसरी ओर संदीप सिंह अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका पक्ष रहा है कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। ताजा आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर उन्होंने अपने वकील से बात करने को कहा।
महिला कोच ने लाइव वीडियो में संदीप सिंह को सजा और जेल होने को लेकर भी दावे किए, लेकिन मामले का अंतिम फैसला अदालत ने नहीं सुनाया है। आरोप सिद्ध होते हैं या नहीं और अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाती हैं या नहीं, इसका निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
अब 4 नवंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, जिसमें दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने से संबंधित रिवीजन पिटीशन पर आगे की कार्यवाही होगी।
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