संदीप सिंह केस में महिला कोच ने लगाए धमकियां दिलवाने के आरोप, दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने की मांग; 4 नवंबर को सुनवाई

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Sandeep Singh Case

चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में शिकायतकर्ता महिला कोच ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कोच ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उसे अलग-अलग लोगों के जरिए धमकियां दिलवाई जा रही हैं। इन आरोपों पर संदीप सिंह या उनकी ओर से ताजा प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महिला कोच ने हाल ही में चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी देकर मामले में आईपीसी की धारा 376 के साथ 511 के तहत दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित आरोप जोड़ने की मांग भी की है। इस मुद्दे से जुड़ी याचिका पर अदालत में 4 नवंबर को सुनवाई निर्धारित है।

महिला कोच का कहना है कि उसके साथ हुई कथित घटना को केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। उसका आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया था और इसी आधार पर उसने संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग उठाई है।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में महिला कोच ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में उसके करियर और निजी जीवन को नुकसान पहुंचा है। उसने यह भी दावा किया कि उसे कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के माध्यम से धमकाया जा रहा है। महिला कोच ने कहा कि वह अब कानूनी लड़ाई जारी रखेगी और मामले में अदालत के फैसले का इंतजार करेगी।

वीडियो में महिला कोच ने अपने खिलाफ कराई गई जांच, नौकरी और करियर से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। उसने पूर्व मंत्री पर कई आरोप लगाए, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संदीप सिंह पहले से अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते रहे हैं और खुद को गलत तरीके से मामले में फंसाए जाने की बात कहते रहे हैं।

यह मामला वर्ष 2022 से चल रहा है। महिला कोच ने आरोप लगाया था कि 1 जुलाई 2022 को उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित तत्कालीन मंत्री के सरकारी आवास पर बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। उसकी शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने दिसंबर 2022 में मामला दर्ज किया था।

मामले में अदालत ने संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354-ए, 354-बी, 506 और 509 के तहत आरोप तय किए थे। इन आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अभी दोषसिद्धि नहीं हुई है।

दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित धाराएं जोड़ने का मुद्दा पहले भी अदालत के सामने आ चुका है। शिकायतकर्ता की ओर से पहले भी ऐसी मांग की गई थी। बाद में यूटी के सरकारी वकील ने भी उपलब्ध बयानों और रिकॉर्ड का हवाला देते हुए धारा 376 के साथ 511 जोड़ने की मांग की थी, लेकिन निचली अदालत ने मई 2026 में यह आवेदन खारिज कर दिया था।

इसके बाद इस आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर के लिए तय की है।

महिला कोच ने अपने हालिया वीडियो में लाई डिटेक्टर टेस्ट का मुद्दा भी उठाया और मामले की कानूनी प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई। उसने कहा कि वह मामले को अंत तक कानूनी रूप से आगे बढ़ाएगी।

दूसरी ओर संदीप सिंह पूर्व में महिला कोच के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें गलत बता चुके हैं। ऐसे में महिला कोच के आरोप और बचाव पक्ष के दावों पर अंतिम निर्णय अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

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