जुड़वां बेटियों के नामकरण में शामिल होगा काला जठेड़ी, कस्टडी पैरोल पर पहुंचेगा गांव; पुलिस सुरक्षा में रहेगा कार्यक्रम

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Kala Jathedi

सोनीपत : गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी अपनी जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद आयोजित हवन-यज्ञ, नामकरण और पारिवारिक रस्मों में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल पर अपने गांव जठेड़ी पहुंचेगा। कार्यक्रम बेटियों के जन्म के करीब 80 दिन बाद आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान वह पुलिस की सुरक्षा और निगरानी में रहेगा।

काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी के मुताबिक पहले छह घंटे की कस्टडी पैरोल की अनुमति की बात थी, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार उसे सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहने की अनुमति मिली है। इस अवधि में वह अपने परिवार के साथ बेटियों के नामकरण और अन्य धार्मिक रस्मों में शामिल होगा।

अनुराधा के अनुसार कस्टडी पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन किया जाएगा। उसने बताया कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की शिफ्ट और उससे जुड़े खर्च को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की अवधि निर्धारित की गई है।

अनुराधा चौधरी ने एक जुलाई 2026 को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में IVF तकनीक के जरिए जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान चिकित्सकीय परिस्थितियों के कारण सीजेरियन डिलीवरी कराई गई थी।

बेटियों के जन्म के दिन भी काला जठेड़ी को चार घंटे की कस्टडी पैरोल मिली थी। वह पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचा और अपनी नवजात बेटियों से मिला था। सुरक्षा कारणों से अस्पताल की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।

काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती और रंगदारी सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है। इनमें से अलग-अलग मामलों की न्यायिक स्थिति अलग है। उसे जुलाई 2021 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था।

काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की शादी 12 मार्च 2024 को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-3 स्थित संतोष गार्डन में हुई थी। शादी में शामिल होने के लिए भी अदालत ने जठेड़ी को छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। उसे पुलिस सुरक्षा में जेल से विवाह स्थल तक लाया गया था।

शादी के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अदालत ने उस समय अगले दिन गृह प्रवेश की रस्म में शामिल होने की भी अनुमति दी थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था।

अनुराधा चौधरी राजस्थान के सीकर की रहने वाली है और उसका नाम भी पूर्व में कई आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। वह पूर्व में अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर दावा करती रही है कि उसके मामले समाप्त हो चुके हैं। काला जठेड़ी और अनुराधा के संपर्क में आने की शुरुआत वर्ष 2020 के आसपास बताई जाती है।

अब जुड़वां बेटियों के नामकरण और हवन-यज्ञ के लिए जठेड़ी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम रखा गया है। काला जठेड़ी निर्धारित अवधि के लिए पुलिस कस्टडी में कार्यक्रम में शामिल होगा। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उसे सुरक्षा व्यवस्था के बीच वापस ले जाया जाएगा।

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