गुरुग्राम के सेक्टर-38 में PG पर छापा, 8 युवतियों समेत 21 हिरासत में; नाबालिग से मिली जानकारी के बाद नेटवर्क की जांच तेज

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Gurugram PG Raid

गुरुग्राम : हरियाणा राज्य महिला आयोग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सेक्टर-38 स्थित एक पीजी पर छापेमारी की गई। टीम ने मौके से विदेशी नागरिकों सहित 13 पुरुषों और 8 महिलाओं को हिरासत में लिया है। पुलिस को संदेह है कि यहां कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। मामले में झाड़सा निवासी साहिल और उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई एक दिन पहले रेस्क्यू की गई नाबालिग से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बाद की गई। पीड़िता ने जांच टीम के सामने आरोप लगाया कि नाबालिग रहने के दौरान उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया और उससे कथित तौर पर देह व्यापार कराया गया। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

पीड़िता से मिली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसके बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी और नोडल अधिकारी एवं एसीपी अभिलक्ष जोशी की देखरेख में सेक्टर-38 स्थित पीजी पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान वहां मौजूद कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें 13 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं में कुछ विदेशी नागरिक भी बताए गए हैं। पुलिस सभी की पहचान, दस्तावेज और इस नेटवर्क से उनके कथित संबंध की जांच कर रही है। हिरासत में लिया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं करता।

शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि कथित नेटवर्क को ऑनलाइन माध्यमों से संचालित किया जा रहा था। जांच में वेबसाइट, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पीजी, गेस्ट हाउस और वाहनों का किस तरह इस्तेमाल किया। पुलिस को अन्य लोगों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। लड़कियों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने और ठिकानों की निगरानी करने में किन लोगों की भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने पीजी से बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक सामग्री के साथ कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए हैं। हालांकि केवल ऐसी सामग्री की बरामदगी अपने आप में अवैध गतिविधि का प्रमाण नहीं होती। पुलिस अन्य डिजिटल, दस्तावेजी और गवाहों से मिले साक्ष्यों के साथ इन वस्तुओं की प्रासंगिकता की जांच कर रही है।

एसीपी अभिलक्ष जोशी के अनुसार मौके से मिले मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इनके जरिए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले में सबसे गंभीर पहलू नाबालिग द्वारा लगाए गए जबरन बंधक बनाने और यौन शोषण के आरोप हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पीड़िता को कहां-कहां रखा गया, उसके संपर्क में कौन-कौन लोग आए और क्या अन्य महिलाएं या नाबालिग भी किसी प्रकार के दबाव अथवा शोषण का शिकार हुईं।

पुलिस इस कथित नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, ऑनलाइन संपर्क और संभावित अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही है। सदर थाना पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही हिरासत में लिए गए लोगों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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