हरियाणा पुलिस में तैनात एक दंपती अपनी ड्यूटी के साथ सांपों को बचाने का काम भी कर रहा है। वर्ष 2008 में पुलिस सेवा में एक साथ भर्ती हुए इस कपल ने अब तक 800 से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू करने का दावा किया है। इनमें अजगर और कोबरा जैसे जहरीले सांप भी शामिल हैं। रेस्क्यू के बाद सांपों को सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया जाता है।
पुलिस की नौकरी के दौरान दोनों को कई बार ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा, जहां घरों, खेतों या दूसरी जगहों पर सांप दिखाई देने के बाद लोग घबरा जाते थे। धीरे-धीरे उन्होंने सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने का काम शुरू किया।
इस दंपती का उद्देश्य लोगों को सांपों के प्रति जागरूक करना और बेवजह उन्हें मारने से रोकना भी है। उनका कहना है कि अधिकांश सांप इंसानों से बचकर रहना चाहते हैं। यदि किसी स्थान पर सांप दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यूअर की मदद लेनी चाहिए।
रेस्क्यू किए गए सांपों में कई बार कोबरा और अन्य जहरीली प्रजातियां भी शामिल रही हैं। ऐसे सांपों को पकड़ना जोखिम भरा काम होता है। इसके लिए सही तकनीक, सावधानी और अनुभव की आवश्यकता होती है। मामूली गलती भी रेस्क्यूअर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
दंपती के अनुसार, सांप को पकड़ने के बाद उसे किसी ऐसे प्राकृतिक स्थान पर छोड़ा जाता है, जहां वह सुरक्षित रह सके। इस तरह एक तरफ लोगों को खतरे से बचाया जाता है और दूसरी तरफ वन्यजीवों का संरक्षण भी होता है।
पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ वन्यजीवों के प्रति उनकी यह सेवा अलग पहचान बना रही है। सांपों के रेस्क्यू से जुड़े अनुभव के कारण आसपास के लोग भी जरूरत पड़ने पर उनसे मदद लेने लगे हैं।
800 से अधिक सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू करने का अनुभव इस दंपती की मेहनत और वन्यजीवों के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है। खास बात यह है कि उन्होंने पुलिस सेवा के साथ इस काम को भी जिम्मेदारी के रूप में अपनाया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे चूहों और अन्य जीवों की संख्या नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ना पर्यावरण के लिए भी बेहतर है।
हरियाणा पुलिस का यह दंपती अब ड्यूटी के साथ सांपों की जान बचाने के अपने प्रयासों के कारण लोगों के बीच चर्चा में है। उनका संदेश है कि डर के कारण सांपों को मारने के बजाय विशेषज्ञ की मदद लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाना चाहिए।
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