किसानों के संभावित दिल्ली मार्च से पहले खनौरी बॉर्डर पर कड़ा पहरा, रास्ते बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट

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Khanauri Border

किसानों के दिल्ली कूच की संभावित तैयारी को देखते हुए हरियाणा-पंजाब सीमा पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। खनौरी बॉर्डर को सील कर दिया गया है। सीमा पर कंटीली तारें और कंक्रीट के बड़े ब्लॉक लगाए गए हैं, ताकि किसानों के जत्थों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के कारण आसपास के मार्गों पर यातायात भी डायवर्ट किया गया है।

प्रशासन की ओर से सीमा क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों और लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

खनौरी बॉर्डर पर लगाए गए कंक्रीट ब्लॉक और कंटीली तारें सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। किसी भी संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भी तैयार रखा गया है।

सीमा सील होने के कारण आम वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने कई मार्गों को डायवर्ट किया है। यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है, ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति न बने।

इधर फतेहाबाद में भी किसानों की गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर किसान संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। किसान नेता इसे अपने आंदोलन को रोकने की कोशिश बता सकते हैं, जबकि प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दे रहा है।

किसानों के संभावित दिल्ली कूच को लेकर पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में प्रशासन सतर्क है। सीमा क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि किसी भी स्थिति में भीड़ और पुलिस के बीच टकराव न हो।

किसान संगठनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही जाती रही है। दिल्ली की ओर बढ़ने की स्थिति में सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती है। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही अवरोधक और बैरिकेडिंग लगाने का फैसला किया है।

फतेहाबाद में किसानों को डिटेन किए जाने और खनौरी बॉर्डर सील किए जाने से आंदोलन को लेकर माहौल और संवेदनशील हो गया है। अब प्रशासन और किसान संगठनों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।

फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी है और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।

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