पंचकूला में शराब कारोबार और नाइट क्लब से जुड़े कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गैंगस्टरों के नाम से कथित तौर पर धमकी भरे कॉल आने के बाद पुलिस ने करीब 10 कारोबारियों को सुरक्षा मुहैया कराई है। धमकियों के बाद कारोबारी अपने परिवार और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ कारोबारियों को फोन के जरिए धमकियां मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। इन कॉल्स में कारोबारियों पर दबाव बनाने और डर पैदा करने का प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील कारोबारियों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया।
जिन लोगों को सुरक्षा दी गई है, उनमें शराब ठेकेदारों और नाइट क्लब संचालकों से जुड़े कारोबारी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से इन कारोबारियों के घर, कार्यालय और कारोबार से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है।
धमकी भरे कॉल्स को लेकर पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। कॉल करने वाले नंबरों की तकनीकी जांच के साथ यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकियां वास्तव में किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हैं या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गैंगस्टरों का नाम इस्तेमाल कर कारोबारियों को डराया जा रहा है।
मामले में गोदारा और गोल्डी से जुड़े गुर्गों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही होगी। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है कि धमकी देने वाले लोगों का किसी गैंग से सीधा संबंध है या नहीं।
कारोबारियों के बीच बढ़ी चिंता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ निगरानी भी बढ़ाई है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
धमकियों के पीछे रंगदारी वसूलने या कारोबारियों पर दबाव बनाने की आशंका भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी के पीछे कोई आर्थिक मांग की गई थी या केवल डर पैदा करने की कोशिश की गई।
पंचकूला में नाइट क्लब और शराब कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान देर रात तक खुले रहते हैं। ऐसे में पुलिस के सामने इन स्थानों पर सुरक्षा बनाए रखना भी चुनौती है। कारोबारियों को भी संदिग्ध कॉल या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी जा रही है।
पुलिस ने धमकी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कारोबारियों की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया है। तकनीकी जांच के जरिए कॉल्स के स्रोत तक पहुंचने और संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है।
फिलहाल 10 कारोबारियों को सुरक्षा दिए जाने के बाद पुलिस का दावा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। धमकी देने वालों की पहचान और उनके गिरोह से संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। कारोबारियों के बीच बनी दहशत को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
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