पलवल में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए जवान के सम्मान से जुड़ा मामला सामने आया है। शहीद के परिवार ने सम्मान लेने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि शहीद की प्रतिमा के निर्माण से जुड़ा करीब 1.90 लाख रुपए का बिल भी अब तक अटका हुआ है। प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, शहीद की स्मृति में प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके अनावरण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे, लेकिन उनके नहीं पहुंचने से कार्यक्रम को लेकर असंतोष पैदा हो गया।
परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि शहीद की प्रतिमा के निर्माण से संबंधित भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। करीब 1.90 लाख रुपए का बिल लंबित होने की बात सामने आई है। परिवार और संबंधित लोगों ने भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई है।
प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से भी लोगों में नाराजगी रही। परिवार का कहना है कि शहीद के सम्मान से जुड़े कार्यक्रम में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है।
इसी नाराजगी के चलते शहीद के परिवार ने सम्मान स्वीकार नहीं किया। परिवार ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों और लंबित भुगतान के मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे सम्मान लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
स्थानीय लोगों ने भी परिवार की मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों और उनके परिवारों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शहीद की प्रतिमा से जुड़े भुगतान में देरी को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए।
मामले में अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। संबंधित विभाग से प्रतिमा निर्माण के बिल और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है। यह भी जांचा जा सकता है कि बिल किस स्तर पर लंबित है और भुगतान में देरी का कारण क्या है।
परिवार की ओर से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि शहीद की स्मृति से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शहीद की प्रतिमा स्थानीय लोगों के लिए उनके बलिदान की याद का प्रतीक है। ऐसे में परिवार और ग्रामीण चाहते हैं कि प्रतिमा से जुड़े सभी औपचारिक और प्रशासनिक कार्य सम्मानजनक तरीके से पूरे किए जाएं।
कार्यक्रम में विधायक और प्रशासन की अनुपस्थिति के कारण आयोजन अपेक्षित तरीके से नहीं हो सका। इससे परिवार की नाराजगी और बढ़ गई। परिवार ने सम्मान लेने से इनकार कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि लंबित बिल का भुगतान और परिवार की अन्य मांगों का समाधान होता है तो मामले में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
फिलहाल शहीद परिवार के सम्मान से जुड़े इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार ने सम्मान लेने से इनकार किया है, जबकि प्रतिमा निर्माण का 1.90 लाख रुपए का भुगतान भी लंबित बताया जा रहा है।
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