ASI के बेटे का मारपीट वाला VIDEO वायरल, नारनौल में युवक ने SP से की शिकायत; जबरन रिकॉर्डिंग का आरोप

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Narnaul News

नारनौल में एक युवक की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया है। वीडियो में एक युवक को दूसरे युवक के साथ मारपीट करते हुए देखा जा रहा है। बैकग्राउंड में ‘मैं गुंडा हूं’ गाना चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित बताए जा रहे युवक ने पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में मारपीट करता दिखाई दे रहा युवक एक ASI का बेटा है। पीड़ित ने दावा किया कि उसे कथित तौर पर पहले किडनैप किया गया और इसके बाद उसके साथ मारपीट कर वीडियो रिकॉर्ड किया गया।

युवक के अनुसार, घटना के दौरान उसे डराया-धमकाया गया। उसका आरोप है कि आरोपियों ने उसकी इच्छा के खिलाफ वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उसके साथ लगाए गए आरोपों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

पीड़ित ने SP कार्यालय में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने कहा कि यदि उसे वास्तव में अगवा कर मारपीट की गई है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि घटना कब और कहां हुई थी तथा वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया।

पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर सकती है। वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग, उसकी तारीख और लोकेशन की जानकारी जुटाकर घटना के वास्तविक क्रम का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे जबरन वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान क्या है और उनकी भूमिका क्या रही।

ASI के बेटे का नाम सामने आने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव न किया जाए।

यदि जांच में अपहरण, मारपीट, धमकी या जबरन वीडियो बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। हालांकि किसी वीडियो के वायरल होने मात्र से उसमें दिखाई देने वाले आरोपों को सत्य नहीं माना जा सकता। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

पीड़ित के मेडिकल परीक्षण और चोटों से जुड़े दस्तावेज भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि घटना के बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ है तो रिपोर्ट से मारपीट के आरोपों की पुष्टि में मदद मिल सकती है।

पुलिस आसपास के CCTV कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि युवक को कथित तौर पर कहां से ले जाया गया और घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे।

मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आना बाकी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों में भी वायरल वीडियो को लेकर चर्चा है। लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट कर वीडियो बनाना गंभीर मामला है और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल मामला शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर जांच के चरण में है। पुलिस वीडियो, शिकायतकर्ता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच पूरी होने तक वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

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