एंबियंस मॉल के टाइटन शोरूम से महंगी घड़ियां गायब, ₹6.24 लाख का नुकसान; तीन संदिग्धों की तलाश

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Gurugram News

गुरुग्राम के हाई-सिक्योरिटी वाले एंबियंस मॉल में स्थित टाइटन शोरूम से चार महंगी विदेशी घड़ियां चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी हुई घड़ियों की कुल कीमत करीब 6.24 लाख रुपए बताई जा रही है। शोरूम प्रबंधन ने दो पुरुषों और एक महिला ग्राहक पर संदेह जताया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार तीनों संदिग्ध ग्राहक बनकर शोरूम में पहुंचे थे। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल बताए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से अलग-अलग घड़ियां दिखाने के लिए कहा और कुछ समय तक शोरूम में मौजूद रहे।

आरोप है कि इसी दौरान कर्मचारियों का ध्यान भटकाकर महंगी घड़ियां गायब कर दी गईं। संदिग्धों के चले जाने के बाद शोरूम में रखे सामान की जांच के दौरान चार घड़ियां कम मिलीं।

स्टाफ ने अपने स्तर पर घड़ियों की तलाश की, लेकिन जब वे नहीं मिलीं तो शोरूम में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई। इसके बाद तीन ग्राहकों की गतिविधियों पर संदेह जताया गया।

शोरूम प्रबंधन के मुताबिक चोरी हुई चारों घड़ियां लग्जरी श्रेणी की विदेशी घड़ियां थीं। इनकी कुल कीमत करीब ₹6.24 लाख बताई गई है। इतनी महंगी घड़ियां गायब होने के बाद मॉल और शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।

एंबियंस मॉल गुरुग्राम के प्रमुख और हाई-सिक्योरिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शामिल है। यहां प्रवेश और निकास के साथ विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा कर्मचारी और CCTV कैमरे मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद शोरूम में चोरी की घटना सामने आने से मामला चर्चा में आ गया है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शोरूम के अलावा मॉल के अन्य CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा सकती है, ताकि संदिग्धों के आने और बाहर निकलने का पूरा रूट पता लगाया जा सके।

पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि तीनों संदिग्ध किस वाहन से मॉल पहुंचे थे। पार्किंग और मॉल के प्रवेश-द्वारों पर लगे कैमरों की फुटेज से वाहन का नंबर या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

जांच में संदिग्धों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर या डिजिटल पेमेंट से जुड़ी कोई जानकारी मिलने पर पुलिस के लिए उनकी पहचान करना आसान हो सकता है।

शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। उनसे यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्धों ने कौन-कौन सी घड़ियां देखीं और किस समय कर्मचारियों को चोरी का पता चला।

पुलिस चोरी के तरीके की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि घड़ियां सीधे डिस्प्ले से उठाई गईं या उन्हें दिखाने के दौरान किसी तरह छिपाकर बाहर ले जाया गया।

मॉल जैसे सुरक्षित परिसर में हुई चोरी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो सकती हैं। महंगे सामान वाले शोरूम में ग्राहकों की गतिविधियों पर निगरानी और डिस्प्ले सुरक्षा की समीक्षा की जा सकती है।

तीनों लोगों पर फिलहाल संदेह जताया गया है। जांच पूरी होने से पहले उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट होगी।

पुलिस आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों की फुटेज भी जांच सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि संदिग्ध घटना से पहले या बाद में किसी अन्य शोरूम में भी गए थे या नहीं।

मामले में चोरी हुई घड़ियों के मॉडल और सीरियल नंबर भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इनके आधार पर यदि घड़ियों को कहीं बेचने या अन्य तरीके से खपाने का प्रयास होता है तो उन्हें ट्रैक करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल गुरुग्राम पुलिस तीन संदिग्ध ग्राहकों की पहचान और चोरी हुई चारों लग्जरी घड़ियों की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। मॉल और शोरूम के CCTV फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

हाई-सिक्योरिटी वाले एंबियंस मॉल में हुई ₹6.24 लाख की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वारदात का वास्तविक तरीका और इसमें शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।

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