हर्ष एनकाउंटर को लेकर करनाल में सड़कों पर उतरा रोड़ समाज, BJP विधायक के इस्तीफे की मांग तेज

4
Harsh Encounter

करनाल में हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज का विरोध तेज हो गया है। समाज के लोगों ने करीब 2 किलोमीटर लंबा रोष मार्च निकाला और लगभग तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में तीन प्रमुख मांगें रखते हुए BJP विधायक के इस्तीफे की मांग दोहराई।

हर्ष एनकाउंटर को लेकर रोड़ समाज लगातार सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में बड़ी संख्या में समाज के लोग करनाल में एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में युवाओं के साथ समाज के वरिष्ठ लोग भी शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने करीब दो किलोमीटर तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान हर्ष को न्याय दिलाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग से जुड़े नारे लगाए गए।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रह सकता है।

रोड़ समाज की प्रमुख मांगों में BJP विधायक के इस्तीफे का मुद्दा शामिल रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मामले में उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

समाज की ओर से कुल तीन मांगें रखी गई हैं। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने सरकार से इन मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की।

हर्ष एनकाउंटर को लेकर पहले भी बैठकों और पंचायतों के माध्यम से आवाज उठाई जा चुकी है। अब रोष मार्च निकालकर समाज ने सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास किया है।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई। रोष मार्च जिन रास्तों से निकला, वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।

मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की संभावना रही। पुलिस को प्रदर्शनकारियों के साथ आम वाहन चालकों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए व्यवस्था करनी पड़ी।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि हर्ष एनकाउंटर से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से वे संतुष्ट नहीं होंगे और मांगों पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

BJP विधायक के इस्तीफे की मांग ने मामले को राजनीतिक रूप भी दे दिया है। रोड़ समाज के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।

हालांकि प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप और राजनीतिक जवाबदेही की मांग अलग विषय हैं। एनकाउंटर से जुड़े किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय की जा सकती है।

रोड़ समाज की ओर से पहले भी इस मुद्दे पर पंचायतें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में आगे की रणनीति और सरकार के सामने रखी जाने वाली मांगों पर चर्चा होती रही है।

करनाल में हुए रोष मार्च को इसी आंदोलन की अगली कड़ी माना जा रहा है। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन कर समाज ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा।

अब सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। समाज की तीन मांगों को लेकर कोई फैसला या बातचीत होती है तो आंदोलन की आगे की दिशा भी उसी के आधार पर तय हो सकती है।

फिलहाल हर्ष एनकाउंटर मामले में रोड़ समाज BJP विधायक के इस्तीफे की मांग पर कायम है। करनाल में दो किलोमीटर के रोष मार्च और तीन घंटे के प्रदर्शन के जरिए समाज ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखी हैं।

Loading