सोनीपत के एक पार्क में छात्र का शव झूले से लटका मिलने के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल में कॉपी चोरी के एक मामले को लेकर शिक्षक ने छात्र की पिटाई की थी। वहीं शव मिलने के समय कपड़ों और जूतों की स्थिति को देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार छात्र का शव पार्क में लगे झूले से लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लिया। छात्र की पहचान होने के बाद उसके परिवार को घटना की जानकारी दी गई।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति देखने के बाद परिवार ने घटना को संदिग्ध बताया और मामले की गहराई से जांच करने की मांग की।
परिजनों का कहना है कि छात्र के कपड़ों और जूतों की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। इसी आधार पर परिवार को आशंका है कि उसकी मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई।
हालांकि छात्र की मौत हत्या है या किसी अन्य कारण से हुई, इसका निर्धारण पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
इस बीच स्कूल से जुड़ा एक घटनाक्रम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कॉपी चोरी के मामले को लेकर एक शिक्षक ने छात्र की पिटाई की थी।
पुलिस इस बात की जांच कर सकती है कि स्कूल में हुई घटना कब हुई थी और उसका छात्र पर क्या प्रभाव पड़ा था। संबंधित शिक्षक, अन्य विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
यह भी पता लगाया जाएगा कि कॉपी चोरी को लेकर छात्र पर क्या आरोप लगाए गए थे और पिटाई के बाद उसने परिवार या किसी दोस्त से इस संबंध में कोई बात साझा की थी या नहीं।
छात्र के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण उपलब्ध होने पर उनकी जांच भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों से घटना से पहले की उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है।
पुलिस पार्क और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि छात्र पार्क में कब पहुंचा और उस समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
घटनास्थल की फोरेंसिक जांच मामले में बेहद महत्वपूर्ण है। झूले, आसपास की जमीन और छात्र के कपड़ों से मिले संभावित साक्ष्यों का विश्लेषण कर घटनाक्रम समझने का प्रयास किया जा सकता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण के साथ शरीर पर किसी अन्य चोट के निशान की जानकारी भी मिल सकती है। इससे परिवार की हत्या की आशंका की जांच करने में मदद मिलेगी।
पुलिस छात्र के दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ कर सकती है। स्कूल और घर से पार्क तक पहुंचने के दौरान उसकी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में हुई कथित पिटाई और पार्क में शव मिलने की परिस्थितियों सहित हर पहलू की पड़ताल होनी चाहिए।
शिक्षक द्वारा छात्र की पिटाई की बात सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि इस घटना का छात्र की मौत से कोई संबंध था या नहीं, यह जांच से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस किसी एक संभावना पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। परिजनों द्वारा जताई गई हत्या की आशंका भी जांच का हिस्सा है।
सोनीपत में छात्र की मौत के इस मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और स्कूल से जुड़े लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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