सोनीपत में पुलिस ने एक किराए के मकान पर कार्रवाई करते हुए करीब 3.75 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद करने का दावा किया है। आरोप है कि मकान में अवैध रूप से सुतली बम तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को किराए के मकान में संदिग्ध गतिविधियां चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित टीम ने सूचना की पुष्टि करते हुए मौके पर कार्रवाई की।
मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मिली, जिसे विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। इसका कुल वजन करीब 3.75 किलो बताया गया है।
पुलिस का आरोप है कि इस सामग्री का इस्तेमाल सुतली बम तैयार करने के लिए किया जा रहा था। मौके से तैयार या अधबने विस्फोटक मिलने की स्थिति की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी।
पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कथित तौर पर तैयार किए जा रहे सुतली बम किस उद्देश्य से बनाए जा रहे थे और इन्हें आगे किसे दिया या बेचा जाना था।
आरोपी के संपर्कों की जांच भी की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या आरोपी अकेले ही यह काम कर रहा था।
किराए के मकान में विस्फोटक सामग्री मिलने के कारण मकान मालिक से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाएगी कि मकान कब और किन दस्तावेजों के आधार पर किराए पर दिया गया था।
आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। मकान में संदिग्ध लोगों का आना-जाना या किसी तरह की असामान्य गतिविधि पहले देखी गई थी या नहीं, इसकी पड़ताल की जा सकती है।
बरामद सामग्री की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद होगी। आवश्यकता के अनुसार नमूने संबंधित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजे जा सकते हैं।
विस्फोटक सामग्री से जुड़े मामलों में सुरक्षा को देखते हुए विशेषज्ञ टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बरामद सामग्री को सुरक्षित तरीके से संभालना और निष्क्रिय करना प्राथमिकता होती है।
पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच सकती है। इससे आरोपी की गतिविधियों और सामग्री लाने-ले जाने से जुड़े संभावित लोगों या वाहनों की पहचान हो सकती है।
आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। कॉल रिकॉर्ड और संदेशों से संभावित सप्लायर या खरीदारों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि आरोपी के खिलाफ पहले किसी तरह का आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं। उसके पिछले रिकॉर्ड की जानकारी संबंधित थानों से जुटाई जा सकती है।
मामले में विस्फोटक सामग्री रखने और कथित रूप से बम तैयार करने से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए नियमानुसार रिमांड की मांग की जा सकती है। पूछताछ के दौरान सामग्री की सप्लाई चेन का पता लगाने पर विशेष जोर रहेगा।
रिहायशी इलाके में कथित तौर पर विस्फोटक तैयार किए जाने का मामला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है। किसी दुर्घटना की स्थिति में आसपास रहने वाले लोगों की जान और संपत्ति को भी खतरा हो सकता था।
फिलहाल सोनीपत पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 3.75 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद करने का दावा किया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सामग्री कहां से आई, कथित सुतली बम क्यों बनाए जा रहे थे और मामले में अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं।
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