हिसार में 300 एकड़ में विकसित होगा ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस, ₹10 हजार करोड़ निवेश की तैयारी

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Hisar Green Industrial Campus

हिसार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए करीब 300 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस विकसित करने की योजना है। परियोजना में लगभग ₹10 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। इसके लिए हरियाणा सरकार और अवाडा ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ है। इस परियोजना को हरित ऊर्जा, आधुनिक उद्योग और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस को पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक आधारित औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

करीब 300 एकड़ में प्रस्तावित यह परियोजना हिसार के औद्योगिक ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बड़े निवेश के कारण इससे सहायक उद्योगों और स्थानीय कारोबार को भी अवसर मिलने की संभावना है।

हरियाणा सरकार और अवाडा ग्रुप के बीच हुए MOU के तहत परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग की रूपरेखा तय की जाएगी।

प्रस्तावित निवेश लगभग ₹10 हजार करोड़ बताया गया है। हालांकि वास्तविक निवेश परियोजना के विभिन्न चरणों, आवश्यक स्वीकृतियों और क्रियान्वयन की प्रगति पर निर्भर करेगा।

ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस की अवधारणा में औद्योगिक उत्पादन के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

परियोजना में सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके साथ पानी के बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के पुन: उपयोग जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया जा सकता है।

औद्योगिक परिसर विकसित होने से हिसार और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। निर्माण चरण से लेकर उद्योगों के संचालन तक अलग-अलग क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरत होगी।

तकनीकी और कुशल कर्मचारियों के साथ स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए विकल्प खुल सकते हैं। इससे कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण की मांग भी बढ़ सकती है।

परियोजना के कारण छोटे और मध्यम कारोबारों को भी अवसर मिल सकते हैं। परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है।

हिसार पहले से कृषि, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। बड़े ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस के विकसित होने से जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत हो सकती है।

सरकार की ओर से प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह के बड़े निवेश प्रस्ताव इसी रणनीति का हिस्सा माने जा सकते हैं।

MOU के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए भूमि, पर्यावरणीय मंजूरी, आधारभूत संरचना और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।

सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं किसी भी बड़े औद्योगिक परिसर के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। परियोजना के विकास के दौरान इन सुविधाओं पर भी निवेश किए जाने की आवश्यकता होगी।

ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस से जुड़े उद्योगों की प्रकृति और यहां स्थापित होने वाली इकाइयों का विस्तृत स्वरूप परियोजना की आगे की योजना में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा मिलने से औद्योगिक विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। इससे हरियाणा में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी सेक्टर को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

₹10 हजार करोड़ का प्रस्तावित निवेश यदि निर्धारित योजना के अनुसार जमीन पर उतरता है तो हिसार के औद्योगिक और रोजगार परिदृश्य पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल हरियाणा सरकार और अवाडा ग्रुप के बीच MOU के साथ परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। अब जमीन आवंटन, आवश्यक मंजूरियों, निवेश के चरण और निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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