हरियाणा में मानसून पड़ा सुस्त, अगले 4-5 दिन भारी बारिश से राहत; आज कुछ जिलों में बूंदाबांदी के आसार

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Haryana Weather

हरियाणा में पिछले दिनों सक्रिय रहे मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने के संकेत हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। किसानों को मौसम को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक सिंचाई और रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है।

प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और NCR क्षेत्र में बीते दिनों अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। गुरुग्राम सहित कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आईं।

अब मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने के कारण हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की संभावना जताई गई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने भी अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता कम रहने की बात कही है।

भारतीय मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 31 अगस्त तक बारिश मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है। 26 अगस्त के बाद फिलहाल प्रदेश के लिए भारी बारिश की व्यापक चेतावनी नहीं है।

बुधवार को हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी के आसार बताए गए हैं।

गुरुग्राम में भी बुधवार को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। IMD के जिला स्तर के पूर्वानुमान में इसके बाद 27 से 29 अगस्त के बीच गुरुग्राम में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं।

मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने से पिछले दिनों जलभराव का सामना करने वाले इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लगातार तेज बारिश नहीं होने से सड़कों और निचले इलाकों में जमा पानी की निकासी में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि बारिश कम होने के साथ उमस बढ़ने की संभावना है। वातावरण में नमी अधिक रहने और बारिश के अंतराल बढ़ने से लोगों को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है।

मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए भी विशेष एडवाइजरी सामने आई है। किसानों को अगले 3 से 4 दिनों के दौरान फसलों में अनावश्यक सिंचाई नहीं करने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव भी फिलहाल रोकने की सलाह दी गई है। मौसम की स्थिति देखकर ही कृषि कार्य करने को कहा गया है।

उमस और नमी वाले मौसम में फसलों में कीट एवं रोगों का खतरा बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है।

विशेष रूप से कपास में सफेद मक्खी और चेपा तथा धान में जड़ सुंडी जैसे कीटों पर नजर रखने को कहा गया है।

पशुपालकों को भी उमस को देखते हुए पशुशालाओं और पोल्ट्री शेड में हवा की पर्याप्त आवाजाही सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश पूरी तरह बंद नहीं होगी। प्रदेश में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश जारी रह सकती है, लेकिन पिछले दिनों जैसी व्यापक और तेज मानसूनी गतिविधियां अगले कुछ दिनों में कम रहने का अनुमान है।

इसलिए लोगों को मौसम साफ दिखाई देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर अचानक बूंदाबांदी या हल्की बारिश के लिए तैयार रहना चाहिए।

किसानों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहेंगे। खेत में पानी की स्थिति देखकर ही सिंचाई का फैसला करना और मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करना फसल के लिए बेहतर रहेगा।

फिलहाल हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी होने से अगले 4 से 5 दिनों तक भारी बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना है। आज छह जिलों में बूंदाबांदी या हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की सक्रियता अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती है।

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