रेवाड़ी में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है। कथित तौर पर चोरी की नीयत से पहुंचे युवकों की मोटरसाइकिल पंक्चर हो गई तो वे अपनी बाइक मौके पर छोड़कर दूसरी मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है।
जानकारी के अनुसार कुछ युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर इलाके में पहुंचे थे। आरोप है कि उनका उद्देश्य चोरी की वारदात को अंजाम देना था।
इसी दौरान उनकी बाइक का टायर पंक्चर हो गया। बाइक आगे ले जाना मुश्किल हुआ तो आरोपियों ने आसपास खड़े दूसरे वाहनों पर नजर डालनी शुरू कर दी।
इसके बाद कथित चोरों ने अपनी पंक्चर मोटरसाइकिल वहीं छोड़ दी और दूसरी बाइक को निशाना बनाया।
आरोप है कि युवक दूसरी मोटरसाइकिल लेकर मौके से फरार हो गए। इस तरह चोरी करने पहुंचे आरोपी अपनी बाइक छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति की मोटरसाइकिल चोरी कर ले गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी।
कैमरे में संदिग्ध युवकों की गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है। अब यही फुटेज पुलिस जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती है।
CCTV के जरिए आरोपियों के हुलिए, कपड़ों और घटनास्थल पर उनकी गतिविधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण सुराग आरोपियों द्वारा मौके पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल हो सकती है।
पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।
हालांकि यह भी जांच का विषय है कि छोड़ी गई मोटरसाइकिल आरोपियों की अपनी थी या वह भी पहले किसी अन्य स्थान से चोरी की गई थी।
यदि बाइक पहले से चोरी की निकली तो पुलिस उसके संबंध में दर्ज शिकायत या FIR की जानकारी जुटाकर दोनों घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ सकती है।
घटनास्थल के अलावा आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है।
इससे आरोपियों के आने और चोरी की मोटरसाइकिल लेकर जाने का पूरा रूट पता लगाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने बाहर से उनकी मदद की।
जिस मोटरसाइकिल को आरोपी लेकर फरार हुए, उसके मालिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की है या की जा सकती है।
वाहन चोरी के मामलों में पुलिस आसपास के जिलों और थानों को भी बाइक की जानकारी भेज सकती है, ताकि संदिग्ध वाहन दिखाई देने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
आमतौर पर वाहन चोरी की घटनाओं में पुलिस को आरोपियों के बारे में सीमित सुराग मिलते हैं, लेकिन इस मामले में मौके पर छोड़ी गई बाइक और CCTV फुटेज दोनों जांच में मददगार हो सकते हैं।
फुटेज की गुणवत्ता स्पष्ट होने पर आरोपियों के चेहरे या अन्य पहचान संबंधी संकेत भी मिल सकते हैं।
पुलिस तकनीकी जांच के साथ स्थानीय स्तर पर पुराने वाहन चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड से भी फुटेज का मिलान कर सकती है।
फिलहाल रेवाड़ी में कथित तौर पर चोरी करने पहुंचे युवकों की बाइक पंक्चर होने के बाद वे उसे मौके पर छोड़कर दूसरी मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। घटना CCTV में कैद हुई है। अब पुलिस फुटेज और मौके पर मिली बाइक के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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