पंजाब के नानकसर पहुंचे हरियाणा CM, सेवा में धोए बर्तन; गुरुद्वारे में टेका माथा और सुना कीर्तन

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Haryana CM

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब स्थित नानकसर पहुंचकर गुरुद्वारे में माथा टेका और सेवा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बर्तन साफ किए और कीर्तन सुना। मुख्यमंत्री करीब सवा घंटे तक नानकसर में रुके। उन्होंने इस स्थान को भक्ति और आध्यात्मिक शांति का केंद्र बताते हुए यहां आने के अनुभव को विशेष बताया।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पंजाब दौरे के दौरान नानकसर पहुंचे। गुरुद्वारा परिसर में पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले धार्मिक परंपराओं के अनुसार माथा टेककर आशीर्वाद लिया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुछ समय कीर्तन सुना। गुरुद्वारे में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान वह संगत के बीच मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में सेवा भी की। उन्होंने बर्तन साफ करने की सेवा में हिस्सा लिया।

सिख परंपरा में सेवा को विशेष महत्व दिया जाता है। गुरुद्वारों में संगत के लोग लंगर बनाने, भोजन परोसने, बर्तन साफ करने और परिसर की साफ-सफाई जैसे विभिन्न कार्यों में स्वेच्छा से योगदान देते हैं।

मुख्यमंत्री ने भी इसी परंपरा के तहत सेवा करते हुए बर्तन साफ किए।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री करीब सवा घंटे तक नानकसर में रहे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के साथ वहां मौजूद लोगों से भी मुलाकात की।

नानकसर से जुड़ी धार्मिक परंपरा और इतिहास के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मुख्यमंत्री ने नानकसर को भक्ति का स्थान बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर पहुंचने से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय रहीं।

हरियाणा और पंजाब के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध काफी पुराने हैं। दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक-दूसरे के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाते हैं।

गुरुद्वारों में लंगर और सेवा की परंपरा सामाजिक समानता और सामूहिक भागीदारी का संदेश देती है।

यहां बिना किसी भेदभाव के संगत को भोजन कराया जाता है और श्रद्धालु स्वयं अलग-अलग सेवाओं में भाग लेते हैं।

मुख्यमंत्री का बर्तन साफ करने की सेवा में शामिल होना भी इसी परंपरा का हिस्सा रहा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय धार्मिक गतिविधियों में समय बिताया। उन्होंने कीर्तन सुना और गुरुद्वारे में मौजूद धार्मिक वातावरण के बीच कुछ समय बिताया।

उनकी नानकसर यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में आए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री को सेवा करते देखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा को हरियाणा और पंजाब के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

धार्मिक स्थलों पर जनप्रतिनिधियों की यात्राएं अक्सर सामाजिक सद्भाव और सेवा के संदेश से भी जुड़ी होती हैं।

मुख्यमंत्री ने नानकसर की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए इसे श्रद्धा और भक्ति का स्थान बताया।

करीब सवा घंटे के प्रवास के बाद मुख्यमंत्री अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।

फिलहाल पंजाब के नानकसर पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में माथा टेकने के साथ कीर्तन सुना और बर्तन साफ करने की सेवा की। करीब सवा घंटे तक वहां रुके मुख्यमंत्री ने नानकसर को भक्ति का स्थान बताते हुए धार्मिक और सेवा परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

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