झज्जर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन ठप, सड़कों पर बढ़ने लगे कचरे के ढेर

1
Jhajjar News

झज्जर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। घरों से कूड़ा उठाने वाली डोर-टू-डोर कलेक्शन गाड़ियों का संचालन बंद होने से कई इलाकों में कचरा जमा हो गया है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद नगर निकाय की नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा असर घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रोजाना कचरा एकत्र करने वाली गाड़ियों पर पड़ा है।

कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं आने से लोगों के घरों में भी कचरा जमा होने लगा है।

कई लोग मजबूरी में आसपास के निर्धारित कूड़ा स्थलों पर कचरा डाल रहे हैं। समय पर उठान नहीं होने के कारण इन स्थानों पर कूड़े की मात्रा लगातार बढ़ रही है।

शहर के कुछ हिस्सों में सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर भी कचरे के ढेर दिखाई देने की बात सामने आ रही है।

लंबे समय तक कूड़ा पड़ा रहने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ सकती है। बारिश या नमी की स्थिति में यह परेशानी और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों से नियमित कचरा उठाने की व्यवस्था बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था के तहत लोगों को घर पर ही गाड़ी में कचरा देने की सुविधा मिलती है। गाड़ियों का संचालन रुकने के बाद अब लोगों के सामने कचरे के निस्तारण की समस्या पैदा हो गई है।

बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी नियमित रूप से बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे क्षेत्रों में समय पर उठान नहीं होने पर सड़क और फुटपाथ के आसपास कचरा तेजी से जमा हो सकता है।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल उनकी मांगों से जुड़ी बताई जा रही है। कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत से समाधान निकलने पर ही नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने की उम्मीद है।

नगर निकाय प्रशासन के सामने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कचरा उठाने की चुनौती है।

यदि हड़ताल लंबी चलती है तो शहर में सफाई व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त वाहन या वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था कर प्रमुख स्थानों से कूड़ा उठाना जरूरी हो सकता है।

कचरे के ढेर केवल शहर की सुंदरता से जुड़ी समस्या नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का कारण बन सकते हैं।

लंबे समय तक खुले में पड़े कचरे के आसपास मक्खी-मच्छर और आवारा पशुओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का संचालन दोबारा शुरू कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद का असर शहर की बुनियादी सफाई सेवाओं पर लंबे समय तक नहीं पड़ना चाहिए।

प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत अब महत्वपूर्ण होगी। समझौता होने की स्थिति में सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटने और डोर-टू-डोर कलेक्शन दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।

फिलहाल झज्जर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण घरों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां बंद हैं। शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर बढ़ने लगे हैं और लोगों को परेशानी हो रही है। हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या और बढ़ सकती है।

Loading