हरियाणवी सिंगर की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाला शख्स अब अपने बयान से पीछे हट गया है। उसने कहा है कि उसने सिंगर की हत्या नहीं की और वारदात के समय वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था। उसने जांच एजेंसियों को अपनी लोकेशन की जांच करने की चुनौती देते हुए कहा कि हत्या के समय वह बाहर था।
मामले में पहले सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आने के बाद संबंधित शख्स का नाम चर्चा में आया था।
अब उसने कथित तौर पर नया बयान जारी कर हत्या में अपनी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया है।
उसका कहना है कि सिंगर की हत्या उसने नहीं की। वारदात के समय वह किसी दूसरी जगह पर मौजूद था और पुलिस चाहे तो उसकी लोकेशन की जांच कर सकती है।
इस नए दावे के बाद जांच में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगा सकती है कि हत्या के समय संबंधित व्यक्ति वास्तव में कहां मौजूद था।
सिर्फ किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने या बाद में उससे इनकार करने से उसकी भूमिका तय नहीं होती। जांच एजेंसियों को दोनों दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी होगी।
यह भी महत्वपूर्ण सवाल है कि यदि संबंधित शख्स हत्या में शामिल नहीं था तो उसने शुरुआत में जिम्मेदारी लेने जैसा दावा क्यों किया।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर सकती है कि पहला बयान वास्तविक था, किसी दबाव में दिया गया था या उसका उद्देश्य जांच को प्रभावित करना अथवा किसी अन्य कारण से चर्चा पैदा करना था।
हरियाणवी सिंगर की हत्या के मामले में पुलिस पहले से हमलावरों और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
यदि वारदात CCTV कैमरों में कैद हुई है तो फुटेज में दिखाई देने वाले हमलावरों की पहचान जांच की अहम कड़ी होगी।
इसके साथ ही हत्या से पहले और बाद में संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन की गतिविधियां, आपसी संपर्क और यात्रा संबंधी रिकॉर्ड भी जांचे जा सकते हैं।
जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति के नए बयान के बाद यह भी देखना होगा कि पुलिस के पास उसकी भूमिका को लेकर पहले से कोई स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद है या नहीं।
यदि उसकी लोकेशन वारदात के समय किसी दूसरी जगह की मिलती है तो भी जांच यह निर्धारित करेगी कि हत्या की साजिश या अन्य किसी स्तर पर उसकी भूमिका थी या नहीं।
वहीं यदि तकनीकी साक्ष्य उसके दावे से मेल नहीं खाते तो उससे विस्तृत पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस के लिए हत्या को अंजाम देने वाले वास्तविक हमलावरों के साथ घटना की साजिश, मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करना भी जरूरी है।
सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट और संदेशों की तकनीकी जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि उन्हें किस डिवाइस और स्थान से जारी किया गया था।
फिलहाल हरियाणवी सिंगर हत्याकांड में जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाले शख्स के अपने बयान से पीछे हटने के बाद मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। उसने हत्या में शामिल होने से इनकार करते हुए वारदात के समय अपनी लोकेशन दूसरी जगह होने का दावा किया है। अब मोबाइल लोकेशन, CCTV, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य ही यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे कि उसके दावों में कितनी सच्चाई है।
![]()











