नारनौल : महेंद्रगढ़ जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सीएम फ्लाइंग रेवाड़ी, आरटीए विभाग नारनौल और जिला गुप्तचर इकाई की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर की गई चेकिंग के दौरान कुल 9 वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलते पाए गए। इन वाहनों पर कुल 4 लाख 71 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और कार्रवाई के बाद उन्हें निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करवा दिया गया।
जानकारी के अनुसार अभियान सीएम फ्लाइंग रेवाड़ी के निरीक्षक सतेन्द्र के नेतृत्व में चलाया गया। संयुक्त टीम में आरटीए विभाग नारनौल के एडीटीओ नवीन कुमार और जिला गुप्तचर इकाई नारनौल के निरीक्षक सुनील कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
टीम ने सबसे पहले कनीना-महेंद्रगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान मालवाहक वाहनों के दस्तावेज और उनमें लदे सामान के भार की जांच की गई।
चेकिंग के दौरान 5 वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलते पाए गए। अधिकारियों ने इन वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की। इसके बाद सभी पांच वाहनों को कनीना स्थित श्री बालाजी पार्किंग में खड़ा करवा दिया गया।
कनीना-महेंद्रगढ़ रोड पर कार्रवाई पूरी करने के बाद संयुक्त टीम ने रेवाड़ी-नारनौल रोड पर भी ओवरलोड वाहनों की जांच की। यहां चेकिंग के दौरान चार वाहन निर्धारित सीमा से अधिक भार के साथ चलते मिले।
टीम ने इन चारों वाहनों के भी चालान किए और कार्रवाई के बाद उन्हें बाछोद स्थित सीताराम पार्किंग में खड़ा करवा दिया। दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल 9 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
अधिकारियों के मुताबिक इन सभी वाहनों पर मिलाकर 4 लाख 71 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अभियान का उद्देश्य सड़कों पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।
ओवरलोड वाहन सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चुनौती माने जाते हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक भार होने पर वाहन को नियंत्रित करने और समय पर रोकने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा सड़कों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी को देखते हुए संबंधित विभागों की ओर से ऐसे वाहनों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त अभियान के दौरान वाहन चालकों के दस्तावेजों के साथ ओवरलोडिंग से संबंधित नियमों की जांच की गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद सीएम फ्लाइंग, आरटीए विभाग और जिला गुप्तचर इकाई की टीमें अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गईं।
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