रेवाड़ी : कमालपुर गांव निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र यादव की हत्या के मामले में परिवार ने अब पैसों के लेनदेन को लेकर नया दावा किया है। परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र के बचपन के दोस्त प्रवीण उर्फ पपला ने उससे करीब 20 से 25 लाख रुपए उधार लिए थे। जितेंद्र ये पैसे वापस मांग रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से दी गई शुरुआती शिकायत में पैसों के लेनदेन का कोई जिक्र नहीं है और हत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जितेंद्र के चाचा एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष उत्तम सिंह के मुताबिक प्रवीण और जितेंद्र बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। जितेंद्र करीब पांच साल विदेश में रहा था। पिता के निधन के बाद वह गांव वापस आ गया और खेती के साथ डेयरी का काम शुरू किया। गांव लौटने के बाद दोनों के बीच फिर संपर्क बढ़ गया था।
परिवार का दावा है कि जितेंद्र ने एक प्लॉट बेचने के बाद प्रवीण को बड़ी रकम उधार दी थी। अब वह अपने डेयरी कारोबार का विस्तार करना चाहता था, इसलिए लगातार प्रवीण से पैसे वापस मांग रहा था। प्रवीण कंस्ट्रक्शन का काम करता है और उसकी एक साइट मध्य प्रदेश में चल रही बताई गई है।
परिजनों के अनुसार प्रवीण कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश से वापस आया था। इसके बाद जितेंद्र ने उससे दोबारा अपनी रकम मांगी। परिवार को शक है कि इसी विवाद के बाद हत्या की साजिश रची गई। हालांकि पैसों के लेनदेन और हत्या की कथित योजना से जुड़े इन दावों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है।
सोमवार को जितेंद्र की हत्या कर दी गई थी। घटना से जुड़ी CCTV फुटेज भी सामने आई है। फुटेज में एक काली थार सड़क पर खड़ी दिखाई देती है। जितेंद्र गाड़ी से नीचे उतरता है और कुछ देर बाद एक व्यक्ति उस पर रॉड से हमला करता दिखाई देता है। इसके बाद साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति हमलावर को वहां से खींचता नजर आता है।
परिवार ने CCTV में हमला करने वाले व्यक्ति की पहचान प्रवीण के रूप में की है। परिजनों का यह भी दावा है कि फुटेज में दिखाई दे रहा दूसरा व्यक्ति कमालपुर गांव का रवि है, जो फ्रीलांस फोटोग्राफी करता है और जितेंद्र व प्रवीण दोनों का परिचित है। पुलिस ने फिलहाल CCTV में दिखाई दे रहे दूसरे व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
परिजनों के मुताबिक घटना से पहले जितेंद्र की मोटरसाइकिल गांव के पास नहर किनारे मिली थी। उन्हें आशंका है कि वहां से उसे काली थार में बैठाकर भाड़ावास रोड की ओर ले जाया गया और बाद में HPCL प्लांट के आसपास वारदात हुई।
परिवार ने प्रवीण की एक महिला परिचित की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया है। उनका शक है कि हत्या की कथित योजना के बारे में उसे जानकारी हो सकती थी। हालांकि पुलिस ने महिला की किसी भूमिका की पुष्टि नहीं की है। केवल परिवार के संदेह के आधार पर उसकी संलिप्तता स्थापित नहीं मानी जा सकती।
मॉडल टाउन थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा उत्तम सिंह की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को दी गई शिकायत में ₹20 से 25 लाख के कथित लेनदेन का उल्लेख नहीं है।
पुलिस अब हत्या के पीछे पैसों के विवाद सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच आगे बढ़ने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारण के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
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