प्रमोद हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की आरोपियों से मुठभेड़, 2 को पैर में लगी गोली; नाबालिग समेत 3 पकड़े

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Pramod Murder Case

सोनीपत/दिल्ली : नरेला में प्रॉपर्टी कारोबारी प्रमोद की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक मंगलवार-बुधवार की रात रोहिणी सेक्टर-24 में स्पेशल स्टाफ की टीम और संदिग्ध आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान नितिक और दीपक के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा पकड़ा गया आरोपी नाबालिग बताया गया है।

पुलिस के अनुसार नितिक सोनीपत और दीपक चरखी दादरी का रहने वाला है। तीसरा आरोपी भी सोनीपत का बताया गया है। नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है। पुलिस ने मौके से तीन पिस्टल बरामद करने का दावा किया है। घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि नरेला में प्रमोद की हत्या से जुड़े कुछ संदिग्ध सेक्टर-24 इलाके में आने वाले हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर संदीप गोदारा के नेतृत्व में टीम ने इलाके में नाकेबंदी की।

पुलिस का दावा है कि बाइक पर पहुंचे तीन संदिग्धों को टीम ने घेरकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। गोली लगने से दीपक और नितिक घायल हो गए और दोनों को काबू कर लिया गया। उनके साथ मौजूद नाबालिग को भी पकड़ लिया गया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। तीन पिस्टल कब्जे में लेकर उनकी भी जांच की जा रही है। घायल दोनों आरोपियों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मेडिकल स्थिति के अनुसार उनसे आगे पूछताछ की जाएगी।

प्रॉपर्टी कारोबारी प्रमोद की 3 सितंबर को दिल्ली के नरेला इलाके में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों की गतिविधियां आसपास लगे CCTV कैमरों में भी कैद हुई थीं। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं।

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भाऊ गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया था। पोस्ट में कथित तौर पर रंगदारी की रकम नहीं देने को हत्या की वजह बताया गया था। ऐसे सोशल मीडिया दावों की प्रामाणिकता और हत्या के वास्तविक मकसद की जांच पुलिस कर रही है।

परिवार के मुताबिक प्रमोद लंबे समय से प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़े थे। सोनीपत के नाहरी गांव में उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्यालय और एक बैंक्वेट हॉल भी है। परिजनों का दावा है कि पिछले कुछ समय से उनसे रंगदारी मांगी जा रही थी और धमकियां मिलने के बाद वह अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने लगे थे।

पकड़े गए नितिक की उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है और वह सोनीपत के जौली गांव का रहने वाला है। परिवार के अनुसार पिता की मौत के बाद आर्थिक परेशानियों के चलते उसकी पढ़ाई नौवीं कक्षा के बाद छूट गई थी। उसकी मां का कहना है कि बाद में वह कुछ ऐसे युवकों के संपर्क में आया, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले थे।

नितिक की मां ने उसके खिलाफ पहले भी फायरिंग और झगड़े से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी होने की बात कही है। हालांकि पूर्व में मामला दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता और उन मामलों की कानूनी स्थिति अलग से निर्धारित होती है।

फिलहाल दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों की प्रमोद हत्याकांड में कथित भूमिका की जांच कर रही है। हथियारों की फोरेंसिक जांच, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वारदात में किसकी क्या भूमिका थी और हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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