फतेहाबाद : जिले के रतिया क्षेत्र में एक युवक को कथित तौर पर कमरे में बंद कर कई लोगों द्वारा लाठी-डंडों से पीटने का मामला सामने आया है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इनमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते और उससे एक कथित गैंग के समर्थन में नारा लगवाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस मामले को आपसी और कथित गैंग रंजिश के एंगल से जांच रही है।
घायल युवक की पहचान रंजीत उर्फ टुन्ना के रूप में हुई है। मारपीट के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत को देखते हुए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। परिवार के मुताबिक युवक के हाथ-पैर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें और फ्रैक्चर आए हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युवक एक कमरे में दिखाई देता है और कई लोग उस पर डंडों से हमला करते नजर आते हैं। वीडियो में युवक हमलावरों से उसे छोड़ने की गुहार लगाता सुनाई देता है। इस दौरान उससे कथित तौर पर ‘शिकारी गैंग जिंदाबाद’ भी बुलवाया जाता है।
वायरल वीडियो के साथ हरियाणवी सिंगर अमित सैनी रोहतकिया के एक गाने का इस्तेमाल भी किया गया है। इसके अलावा एक इंस्टाग्राम अकाउंट से कथित तौर पर दूसरा वीडियो पोस्ट कर टुन्ना की पिटाई का दावा किया गया और एक अन्य व्यक्ति समेत उसका समर्थन करने वालों को धमकी दी गई। पुलिस के लिए सोशल मीडिया पर डाले गए इन वीडियो और अकाउंट की सत्यता तथा इन्हें पोस्ट करने वालों की पहचान भी जांच का विषय है।
घायल रंजीत के पिता इंद्रपाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह ऑटो चलाते हैं और उनका बेटा पिछले काफी समय से सिरसा में रह रहा था। करीब दो-तीन दिन पहले ही वह रामनगर वापस आया था। आरोप है कि रात में किसी परिचित से मिलकर लौटते समय कुछ लोगों ने उसे रास्ते में घेर लिया।
पिता का आरोप है कि हमलावर रंजीत को पकड़कर एक कमरे में ले गए और वहां उसके साथ मारपीट की। परिवार ने हमले में डंडों के अलावा अन्य भारी वस्तु का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया है।
इंद्रपाल ने कई लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं और करीब 15 से 20 अन्य व्यक्तियों के भी वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि हमला पुरानी गैंग रंजिश के कारण किया गया। हालांकि नामजद लोगों की भूमिका और कथित गैंग से उनके संबंधों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
परिवार के मुताबिक रंजीत के दोनों हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं और इलाज जारी है। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
घटना के बाद इलाके में पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के दौरान डायल 112 को सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर मौके से जा चुके थे। पुलिस के मौके पर पहुंचने में कथित देरी के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार के मुताबिक मामले का संज्ञान लिया गया है। घायल युवक अग्रोहा में उपचाराधीन है और रतिया पुलिस की टीम उसके बयान दर्ज करने पहुंची है। बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के लिए वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, कथित धमकी और हमले के पीछे बताई जा रही रंजिश की कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल परिवार की ओर से जिन लोगों के नाम बताए गए हैं, उनके खिलाफ आरोप जांच के अधीन हैं और दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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