पानीपत : सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की। पानीपत में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने कामकाज से दूर रहकर प्रदर्शन किया। यूनियन का दावा है कि जिले की 280 बैंक शाखाएं हड़ताल से प्रभावित रहीं और करीब 100 करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ।
पानीपत के जीटी रोड स्थित SBI कार्यालय के पास बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की गई।
SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल के मुताबिक पानीपत जिले में करीब 2,500 बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि जिले की सभी 280 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। एक दिन की हड़ताल के कारण करीब 100 करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान भी यूनियन की ओर से लगाया गया है।
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। यूनियन नेताओं का कहना है कि मार्च 2024 में IBA और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया।
यूनियनों का तर्क है कि केंद्र और कई राज्य सरकारों के कार्यालयों के अलावा RBI और LIC जैसे संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था है। बैंक कर्मचारी भी इसी तरह की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। यूनियन नेताओं के मुताबिक ग्राहकों के बैंकिंग समय में कमी न आए, इसके लिए प्रत्येक कार्यदिवस में अतिरिक्त 40 मिनट काम करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई है। यूनियनों की मांग है कि मौजूदा PLI व्यवस्था की समीक्षा की जाए। इसके साथ पेंशन और स्वास्थ्य बीमा से जुड़े मुद्दों पर भी सुधार की मांग उठाई गई है।
यूनियन नेताओं के अनुसार आंदोलन में शामिल कर्मचारियों ने हड़ताल के कारण एक दिन का वेतन भी छोड़ा है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगों का समाधान नहीं होने के कारण देशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया गया।
हड़ताल का असर पानीपत के उद्योग और व्यापार से जुड़े बैंकिंग कार्यों पर भी पड़ा। शाखाओं से होने वाले चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी, ऋण से संबंधित काम, KYC अपडेट और पासबुक अपडेट जैसे कार्य प्रभावित हुए। उद्योगों के वेतन और वेंडर भुगतान से संबंधित शाखा आधारित काम में भी देरी होने की बात कही गई।
हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहीं। इससे ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेनदेन करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिली, लेकिन शाखा में जाकर किए जाने वाले काम प्रभावित रहे।
बैंक यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है। यूनियनों के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की योजना है। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी गई है।
प्रदर्शन में विभिन्न बैंकों और यूनियनों से जुड़े पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। यूनियनों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था सहित लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की है।
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