हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत, मानदेय एरियर समेत 8 मांगों पर आदेश; यूनिफॉर्म-धुलाई भत्ता भी बढ़ा

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Haryana Rural Sanitation Workers

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग ने मानदेय के एरियर भुगतान, यूनिफॉर्म और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी, अनुकंपा के आधार पर नौकरी, EPF-ESI क्लेम में सहायता और समय पर मानदेय देने समेत आठ बिंदुओं पर निर्देश जारी किए हैं।

विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान की ओर से प्रदेश के सभी उपायुक्तों (DC), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO), DDPO और BDPO को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के मुताबिक जनवरी 2026 से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 2,100 रुपए की वृद्धि की गई थी। मानदेय 16 हजार रुपए से बढ़ाकर 18,100 रुपए किया गया था। अब जनवरी से 30 जून 2026 तक की बढ़ी हुई राशि का लंबित एरियर कर्मचारियों को जारी किया जाएगा।

अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के लंबित मानदेय को लेकर भी निर्णय लिया गया है। विभाग के अनुसार आधिकारिक रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद पात्र कर्मचारियों को बकाया भुगतान किया जाएगा। इसमें ढांड के 48, फारुखनगर के 54, सीहमा के 25 और निजामपुर के 15 कर्मचारियों समेत कुल 139 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को मूल गांव से बाहर ड्यूटी पर भेजे जाने की स्थिति में अब दैनिक भत्ता भी मिलेगा। आदेश के अनुसार ऐसी ड्यूटी के लिए BDPO कार्यालय के पेट्टी एक्सपेंस से कर्मचारी को 200 रुपए प्रतिदिन दिए जाएंगे।

सरकार ने कर्मचारियों के वार्षिक यूनिफॉर्म भत्ते में भी 2 हजार रुपए की बढ़ोतरी की है। पहले यह राशि 4 हजार रुपए सालाना थी, जिसे अब बढ़ाकर 6 हजार रुपए सालाना कर दिया गया है।

इसी तरह धुलाई भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। कर्मचारियों को पहले एक हजार रुपए सालाना वॉशिंग अलाउंस मिलता था। अब इसमें 500 रुपए की वृद्धि करते हुए इसे 1,500 रुपए सालाना कर दिया गया है।

आदेश में ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान भी किया गया है। इससे मृतक कर्मचारी के आश्रित परिवार को आर्थिक सहारा मिल सकेगा।

इसके अलावा EPF और ESI से जुड़े डेथ क्लेम के मामलों में भी BDPO कार्यालय को सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं। मृतक कर्मचारी के परिजनों को क्लेम के दस्तावेज तैयार करवाने में कार्यालय स्तर पर मदद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें निजी एजेंसियों पर निर्भर न रहना पड़े।

मानदेय के समय पर भुगतान को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को प्रत्येक महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान करना होगा। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होने की स्थिति में 500 रुपए की पेनल्टी का प्रावधान आदेश में किया गया है।

विकास एवं पंचायत विभाग के मुताबिक ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ 29 मई 2026 को हुई बैठक में इन मांगों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद संबंधित प्रस्तावों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद विकास एवं पंचायत विभाग ने 10 सितंबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए। अब जिला और खंड स्तर के संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों के अनुसार पात्र कर्मचारियों को लाभ देने और भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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