मासूम शर्मा के ‘पाखंडवाद’ वाले गानों के बीच नवीन नारू का ‘सत साहेब रामपाल’ तैयार, बोले- यह किसी कलाकार को जवाब नहीं

2
Naveen Naru

हरियाणा : हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के पाखंडवाद और बाबाओं को लेकर आए गानों के बीच अब एक्टर नवीन नारू ने रामपाल के समर्थन में ‘सत साहेब रामपाल’ नाम से गाना तैयार किया है। यह गाना शनिवार को नवीन नारू के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से रिलीज किया जाएगा। हालांकि नवीन नारू ने साफ किया है कि उनका गाना मासूम शर्मा के किसी सॉन्ग का जवाब नहीं है और वह इसे किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखते।

नवीन नारू के मुताबिक ‘सत साहेब रामपाल’ के सिंगर और राइटर नरेंद्र भगाना हैं, जबकि गाने में उन्होंने अभिनय किया है। इसे नवीन नारू प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार किया गया है।

मासूम शर्मा के गानों के बाद इसे रिलीज करने के सवाल पर नवीन ने कहा कि दोनों कलाकार अपना-अपना काम कर रहे हैं। मासूम शर्मा जिन मुद्दों को लेकर अपनी राय रखते हैं, उन पर गाने बना रहे हैं। इसी तरह उन्हें रामपाल से जुड़े कुछ सामाजिक कार्य प्रभावित करते हैं, इसलिए उन्होंने अपनी श्रद्धा और सोच के आधार पर यह गीत तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी दूसरे कलाकार के गाने का जवाब देना नहीं है।

नवीन ने रामपाल के अनुयायियों की ओर से किए जाने वाले विभिन्न सामाजिक कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इससे बाहर निकालने, जरूरतमंद परिवारों की मदद, गरीब परिवारों की बेटियों की शादी, इलाज और मकान निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने अपने गांव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि खेतों से पानी निकालने के लिए दो गाड़ी पाइप उपलब्ध कराए गए। एक खेत में करीब तीन वर्षों से पानी जमा रहने के कारण खेती नहीं हो पा रही थी, लेकिन पानी निकासी के प्रयास के बाद वहां दोबारा खेती संभव हो सकेगी। इन सामाजिक कार्यों से जुड़े दावे नवीन नारू के हैं।

नवीन ने रामपाल के अनुयायियों की संख्या को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि रामपाल से करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं और उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उन्होंने नेताओं और अन्य प्रमुख लोगों के वहां पहुंचने की बात भी कही। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

बातचीत के दौरान नवीन ने मासूम शर्मा के कुछ गानों में गन कल्चर और बदमाशी से जुड़े संदर्भों का भी उदाहरण दिया। उनका कहना था कि किसी कलाकार के गाने में हथियार या अपराध से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल होने मात्र से उसे वास्तविक आपराधिक घटना के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। उन्होंने हाल के अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़ी चर्चाओं का उदाहरण देते हुए कला और वास्तविक आपराधिक जिम्मेदारी को अलग-अलग देखने की बात कही।

रामपाल की टीम की ओर से गाना तैयार करवाए जाने की चर्चाओं पर नवीन ने कहा कि वह न तो रामपाल से मिले हैं और न ही उनकी टीम से उनका संपर्क हुआ है। उनके मुताबिक गाना बनाने का फैसला उनका स्वयं का है। उन्होंने खुद को औपचारिक समर्थक बताने के बजाय रामपाल से जुड़े बताए जा रहे सामाजिक कार्यों से प्रभावित कलाकार बताया।

रामपाल से जुड़े पोस्टर हटाए जाने की चर्चाओं पर भी नवीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि अलग-अलग कलाकारों की अपनी सोच हो सकती है और किसी मुद्दे को लेकर असहमति होने पर अपनी कला के जरिए राय रखी जा सकती है।

पाखंडवाद को लेकर नवीन ने कहा कि उनके नजरिए में जरूरतमंदों की आर्थिक मदद, इलाज या अन्य सामाजिक सहायता को पाखंडवाद नहीं कहा जा सकता। उन्होंने धार्मिक गतिविधियों के नाम पर पैसे लेने जैसी कुछ प्रथाओं का जिक्र करते हुए रामपाल से जुड़े आयोजनों को लेकर भी कुछ दावे किए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नवीन नारू ने यह भी कहा कि वह हर धार्मिक व्यक्ति या बाबा के समर्थन में गाना नहीं बना रहे। उनका कहना है कि जिन विचारों या कार्यों से वह सहमत नहीं हैं, उनके समर्थन में अपनी कला का इस्तेमाल नहीं करेंगे। फिलहाल ‘सत साहेब रामपाल’ की रिलीज के साथ हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बाबाओं और पाखंडवाद को लेकर चल रही चर्चा को एक नया पक्ष मिलने की संभावना है।

Loading