पानीपत में गैस बिल अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगी, फर्जी APK से फोन हैक कर दो लोगों के खातों से ₹15.80 लाख उड़ाए

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Panipat Cyber Fraud

पानीपत : शहर में साइबर ठगों ने गैस बिल अपडेट करने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर दो लोगों को अपना शिकार बनाया। आरोप है कि ठगों ने पीड़ितों के मोबाइल पर फर्जी APK फाइल भेजकर उसे इंस्टॉल करवाया और इसके बाद फोन का एक्सेस हासिल कर बैंक खातों से कुल 15 लाख 80 हजार 541 रुपए निकाल लिए। दोनों मामलों की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहला मामला टीडीआई सिटी सेक्टर-39 निवासी विजय गुलाटी से जुड़ा है। विजय ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका गैस बिल अपडेट करना अनिवार्य है।

आरोपी ने बातचीत के दौरान विजय को बिल अपडेट नहीं करने पर परेशानी होने की बात कही और इसके बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक APK फाइल भेज दी। शिकायत के अनुसार जैसे ही विजय ने उस फाइल को मोबाइल में डाउनलोड किया, उनका फोन हैंग होने लगा।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। फिर नेट बैंकिंग के माध्यम से उनके बैंक खाते से पांच लाख रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्हें साइबर ठगी का पता चला।

दूसरा मामला अंसल सुशांत सिटी निवासी अरुण के साथ हुआ। शिकायत के अनुसार 16 सितंबर को अरुण के चाचा के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया था। मैसेज में गैस बिल अपडेट नहीं होने की बात लिखी थी और जल्द अपडेट नहीं करने पर गैस कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी।

अरुण के चाचा ने यह मैसेज अपने भतीजे को भेज दिया। इसके बाद अरुण ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने बिल अपडेट करने के लिए व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी।

शिकायत के मुताबिक अरुण के मोबाइल में संबंधित एप्लिकेशन इंस्टॉल होते ही फोन का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से रकम निकाल ली गई।

एक खाते से 5 लाख 15 रुपए और दूसरे खाते से 5 लाख 80 हजार 526 रुपए निकाले जाने की शिकायत की गई है। इस तरह अरुण को कुल 10 लाख 80 हजार 541 रुपए का नुकसान हुआ। दोनों मामलों को मिलाकर साइबर ठगी की कुल रकम 15 लाख 80 हजार 541 रुपए बताई गई है।

दोनों पीड़ितों की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पानीपत पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।

साइबर पुलिस ने लोगों को अनजान नंबर से आने वाले गैस या बिजली बिल अपडेट करने संबंधी कॉल और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सएप, SMS या अन्य माध्यम से भेजी गई APK फाइल को मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने को कहा गया है।

पुलिस के अनुसार बिल भुगतान या कनेक्शन से संबंधित किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयर करने, बैंकिंग जानकारी देने या संदिग्ध एप्लिकेशन इंस्टॉल करने से बचना चाहिए।

साइबर ठगी होने पर पीड़ित को तुरंत अपने बैंक को सूचना देने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते संदिग्ध लेनदेन को रोकने की कार्रवाई की जा सके।

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