फरीदाबाद : सूरजकुंड थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में लक्ष्मी नारायण झावर की मौत के मामले का CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में एक कार उन्हें टक्कर मारती दिखाई दे रही है। हादसे के बाद चालक कार समेत मौके से चला गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार किया, जिसे बाद में अदालत से जमानत मिल गई।
मृतक के बेटे अमित झावर Meta में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं। मामले में लक्ष्मी नारायण की बेटी ज्योति की शिकायत पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने 28 अगस्त को FIR दर्ज की थी। पुलिस ने BNS की धारा 106 और 281 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
परिवार के अनुसार हादसा 27 अगस्त की रात करीब 8:35 बजे हुआ था। लक्ष्मी नारायण अपने घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर थे। इसी दौरान अनखीर गोल चक्कर की तरफ से आई एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर लगने से लक्ष्मी नारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका और वाहन लेकर वहां से चला गया। गंभीर चोटों के कारण लक्ष्मी नारायण की मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों और वाहन के डैशबोर्ड कैमरे से संबंधित फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराए गए। इन फुटेज में हादसे का घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। पुलिस ने वीडियो और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दुर्घटना में शामिल कार की पहचान करने की कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मेवला महाराजपुर निवासी बृजेश को मामले में शामिल किया। फरीदाबाद पुलिस के अनुसार उसे 3 सितंबर को पूछताछ और जांच के लिए बुलाया गया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक संबंधित धाराओं के तहत मामला जमानती होने के कारण अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी। हादसे में इस्तेमाल बताई जा रही कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उससे संबंधित जांच भी की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार मामले में CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों और तथ्यों की जांच जारी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और घटना के समय वाहन चलाने वाले व्यक्ति से संबंधित तथ्यों की भी पुष्टि कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से मामले की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की जाएगी। CCTV फुटेज को भी जांच के महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
परिवार की ओर से मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल आरोपी को अदालत से जमानत मिल चुकी है और आपराधिक मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।
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