करनाल में फोन हैक होते ही खाते से उड़े ₹3.49 लाख, 7 मिनट में हुईं 3 ट्रांजैक्शन; साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस

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Karnal Cyber Fraud

करनाल : जिले के कुंजपुरा क्षेत्र में फोन हैक होने के बाद एक व्यक्ति के बैंक खाते से करीब 3.50 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसे मोबाइल हैक होने की जानकारी नहीं थी और कुछ ही मिनटों के भीतर उसके आईसीआईसीआई बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 3 लाख 49 हजार 913 रुपए निकाल लिए गए।

कुंजपुरा में कंबोज चौपाल के पास रहने वाले सुरेंद्र पुत्र सतपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 सितंबर को उसका मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक हो गया था। उस समय उसे इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ देर बाद जब उसने अपने बैंक खाते की जानकारी देखी तो उसमें तीन अनधिकृत लेनदेन दिखाई दिए।

शिकायत के अनुसार पहली ट्रांजैक्शन शाम 5 बजकर 1 मिनट पर हुई, जिसमें खाते से 99 हजार 567 रुपए निकाले गए। इसके महज दो मिनट बाद शाम 5 बजकर 3 मिनट पर दूसरी ट्रांजैक्शन के जरिए 1 लाख 42 हजार 346 रुपए निकाल लिए गए।

इसके बाद शाम 5 बजकर 8 मिनट पर तीसरी ट्रांजैक्शन हुई, जिसमें खाते से 1 लाख 8 हजार रुपए निकाले गए। इस तरह शाम 5:01 बजे से 5:08 बजे के बीच महज सात मिनट में तीन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 3 लाख 49 हजार 913 रुपए खाते से निकल गए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक तीनों लेनदेन में अलग-अलग UPI पहचान का इस्तेमाल किया गया। खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उसने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की।

सुरेंद्र ने घटना की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई। उसने पुलिस से मामले की जांच कर ठगी गई रकम वापस दिलाने और वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामला शुरुआत में साइबर क्राइम थाना पंचकूला में पहुंचा, जहां जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद इसे संबंधित क्षेत्राधिकार के आधार पर करनाल पुलिस को भेज दिया गया।

शिकायत के आधार पर 21 सितंबर को साइबर क्राइम थाना करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच एसआई कृष्ण कुमार को सौंपी गई है।

पुलिस अब बैंक खाते से हुई तीनों ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खंगाल रही है। जिन UPI पहचान के जरिए रकम ट्रांसफर होने की बात कही गई है, उनके संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिकायतकर्ता का मोबाइल किस तरीके से कथित तौर पर हैक हुआ और आरोपियों ने बैंक खाते तक पहुंच कैसे बनाई।

साइबर पुलिस डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर पूरे लेनदेन की कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच के बाद ही ठगी के तरीके और इसके पीछे शामिल लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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