हरियाणा में मानसून की विदाई के संकेत, सुबह हल्की ठंडक तो दिन में पारा 36.5°C तक पहुंचा; बारिश में 23% की कमी

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Haryana Weather
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चंडीगढ़ : हरियाणा में मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज बदलने लगा है। रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, जबकि दिन में तेज धूप के चलते अधिकतम तापमान फिर 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। प्रदेश के 9 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया।

मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फरीदाबाद 36.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। दूसरी तरफ हिसार के बालसमंद क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सुबह और रात के तापमान में आ रही कमी के कारण लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल रही है। हालांकि दोपहर के समय धूप निकलने से गर्मी का असर अभी बना हुआ है। आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में और कमी आने की संभावना जताई गई है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार मानसूनी हवाओं की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान के ऊपर एंटीसाइक्लोन बनने के कारण प्रदेश में हवाओं की दिशा में बदलाव आने की संभावना है।

इसके प्रभाव से पुरवाई हवाओं की जगह पश्चिमी हवाएं प्रभावी हो सकती हैं। मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा भी दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ खिसकने की संभावना है। इससे हरियाणा में मानसून की सक्रियता कम होगी और मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस मानसून सीजन में प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 21 सितंबर तक हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश की तुलना में करीब 23 प्रतिशत कम है।

जिलावार आंकड़ों में भी बारिश का बड़ा अंतर देखने को मिला। जींद में सामान्य से 58 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सिरसा में 53 प्रतिशत, कैथल और अंबाला में 49-49 प्रतिशत तथा रोहतक में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा हुई।

इसके विपरीत पलवल में बारिश की स्थिति बेहतर रही। यहां सामान्य के मुकाबले करीब 22 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी मानसून सीजन के दौरान वर्षा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी।

लंबी अवधि के आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2026 के बीच 26 वर्षों में 19 बार हरियाणा में मानसून सीजन की बारिश सामान्य से कम रही है, जबकि सात वर्षों में बारिश सामान्य या उससे अधिक दर्ज की गई। इससे पहले 2019 में प्रदेश में सामान्य से करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।

अब मानसून की वापसी के साथ मौसम में धीरे-धीरे बदलाव बढ़ने की संभावना है। दिन में धूप के कारण तापमान फिलहाल अधिक बना रह सकता है, जबकि रात और सुबह के समय तापमान में कमी से हल्की ठंडक का असर बढ़ सकता है।

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