भिवानी : एशियन गेम्स 2026 में भिवानी के गांव धनाना की बॉक्सर साक्षी चौधरी ने शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है। मंगलवार को जापान में खेले गए महिला 51 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में साक्षी ने पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट फिलीपींस की आइरा विलिगास को 5-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
साक्षी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया। पांचों जजों का फैसला भारतीय बॉक्सर के पक्ष में रहा और उन्होंने 5-0 के एकतरफा निर्णय से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
साक्षी के मुकाबले को लेकर उनके पैतृक गांव धनाना में भी उत्साह का माहौल रहा। परिवार के सदस्यों ने घर पर टीवी के जरिए मुकाबला देखा। जैसे ही साक्षी की जीत तय हुई, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
साक्षी के पिता मनोज कुमार ने बताया कि बेटी ने शुरुआत से ही पूरे जोश के साथ मुकाबला खेला। उनके मुताबिक ओलिंपिक पदक विजेता जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पहले ही मुकाबले में मिली जीत से साक्षी का आत्मविश्वास और बढ़ेगा।
साक्षी का अगला मुकाबला 24 सितंबर को होना है। परिवार को उम्मीद है कि वह अगले मुकाबले में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए प्रतियोगिता में आगे बढ़ेगी।
साक्षी चौधरी भिवानी जिले के गांव धनाना की रहने वाली हैं और महिला 51 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके पिता मनोज कुमार खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि मां शीला देवी गृहिणी हैं। परिवार में साक्षी के अलावा उनका एक भाई भी है, जो सेना में कार्यरत है।
साक्षी ने वर्ष 2012 में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। करीब 14 वर्षों से बॉक्सिंग से जुड़ी साक्षी खेल के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद साक्षी ने एशियन गेम्स को अपना अगला बड़ा लक्ष्य बताया था। इसके लिए वह लगातार तैयारी कर रही थीं। अब प्रतियोगिता के पहले ही मुकाबले में ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को हराकर उन्होंने मजबूत शुरुआत की है।
प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद अब साक्षी की नजर अगले मुकाबले पर है। उनके परिवार और गांव के लोगों को उम्मीद है कि वह एशियन गेम्स में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए देश के लिए पदक की ओर कदम बढ़ाएंगी।
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