पुलिस का लोगो लगी कार में आया युवक, ₹3070 का पेट्रोल भरवाकर फरार; CCTV में कैद हुई घटना

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Panipat Petrol Pump Fraud

पानीपत : इसराना स्थित गुरु नानक फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाने के बाद बिना भुगतान किए कार लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। सफेद रंग की i-20 कार पर पुलिस का लोगो लगा हुआ था। चालक ने कार में 30 लीटर पेट्रोल भरवाया, जिसका बिल 3 हजार 70 रुपए बना। आरोप है कि ऑनलाइन भुगतान करने की बात कहकर चालक कार में बैठा और मौका मिलते ही वहां से निकल गया।

घटना 21 सितंबर की दोपहर करीब 2 बजकर 51 मिनट की बताई जा रही है। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है।

पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार सफेद रंग की i-20 कार फिलिंग स्टेशन पर आकर रुकी। कार में एक व्यक्ति सवार था। गाड़ी पर पुलिस से संबंधित लोगो लगा दिखाई दे रहा था। चालक कार से नीचे उतरा और सेल्समैन रिंकू से 30 लीटर पेट्रोल भरने के लिए कहा।

सेल्समैन ने कार में पेट्रोल भरना शुरू किया। इस दौरान चालक बाहर खड़ा होकर उससे सामान्य बातचीत करता रहा। 30 लीटर पेट्रोल भरने के बाद कुल भुगतान 3 हजार 70 रुपए बना।

कर्मचारियों के मुताबिक भुगतान की बारी आने पर चालक ने कहा कि उसका मोबाइल फोन कार के अंदर है और वह ऑनलाइन पेमेंट करेगा। इसके बाद वह ड्राइविंग सीट पर जाकर बैठ गया।

आरोप है कि जैसे ही सेल्समैन भुगतान लेने के लिए मशीन की तरफ गया, चालक ने अचानक कार स्टार्ट कर दी और तेजी से पेट्रोल पंप से निकल गया। कर्मचारी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कार वहां से दूर जा चुकी थी।

घटना के बाद पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन चालक तेज गति से वाहन लेकर निकल गया और कर्मचारियों के हाथ नहीं आया।

पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कार के आने से लेकर पेट्रोल भरवाने और उसके बाद वहां से निकलने तक की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि फुटेज में कार और चालक भी दिखाई दे रहे हैं।

पेट्रोल पंप संचालक डॉ. तरुण के मुताबिक घटना के संबंध में इसराना थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत के साथ सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

पंप संचालक ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। साथ ही कार पर लगे पुलिस लोगो की वास्तविकता की जांच करने और संबंधित चालक की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार वास्तव में पुलिस विभाग से संबंधित थी या उस पर पुलिस का लोगो अनधिकृत रूप से लगाया गया था। वाहन और चालक की पहचान तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

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