धान खरीद को लेकर शाहाबाद में किसानों का धरना जारी, आज फिर हो सकता है बड़ा फैसला; कई किसान नेता हिरासत में

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Haryana Paddy Procurement

कुरुक्षेत्र : हरियाणा में धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन बुधवार को भी जारी है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से जुड़े किसान शाहाबाद में बराड़ा रोड पर धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को पुलिस और किसानों के बीच टकराव के बाद अब किसान संगठनों की बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। बुधवार सुबह यूनियन के जिला प्रधान संजू नंबरदार और प्रदेश महासचिव संजीव आलमपुर को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं पानीपत में किसान नेता एवं उग्राखेड़ी के पूर्व सरपंच बिंटू मलिक को सुबह घर पर ही रोके जाने का दावा किया गया है।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अगुवाई में किसान शाहाबाद-बराड़ा स्टेट हाईवे-4 पर धरना दे रहे हैं। चढ़ूनी ने अन्य किसान संगठनों को भी बैठक के लिए बुलाया है। बैठक में धान खरीद के साथ आंदोलन की अगली रणनीति और नेशनल हाईवे-44 को लेकर आगे के कदम पर चर्चा होने की बात कही गई है।

मंगलवार को किसानों और प्रशासन के बीच दो दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन की ओर से धान की सरकारी खरीद 25 सितंबर के आसपास शुरू होने की उम्मीद जताई गई, लेकिन किसान तत्काल खरीद शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी का कहना है कि किसानों की मुख्य मांग धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू कराना है। उनका आरोप है कि मंडियों में फसल पहुंचने के बावजूद सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

चढ़ूनी ने धान खरीद से जुड़ी पोर्टल वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वेरिफिकेशन में देरी से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इसमें अनियमितता की आशंका भी जताई है। ये आरोप किसान नेता की ओर से लगाए गए हैं और इन पर प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा के मुताबिक राज्य सरकार धान की खरीद निर्धारित समय से पहले शुरू कराने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांग चुकी है। प्रशासन को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।

इससे पहले मंगलवार को किसान धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर शाहाबाद में एकत्र हुए थे। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान नेशनल हाईवे-44 की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए शाहाबाद-बराड़ा रोड पर बैरिकेडिंग कर रखी थी।

किसानों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ किसान बैरिकेडिंग पार कर हाईवे तक पहुंच गए थे, जिन्हें बाद में वहां से हटा दिया गया।

इसके बाद किसानों ने शहीद ऊधम सिंह स्मारक के पास शाहाबाद-बराड़ा रोड पर धरना शुरू कर दिया। किसान नेताओं ने धान की सरकारी खरीद शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

अब बुधवार को होने वाली किसान संगठनों की बैठक पर नजर है। बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसान मौजूदा धरना जारी रखेंगे या आंदोलन को लेकर कोई नया निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन की ओर से भी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।

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