सिरसा में मां-बेटी की जलने से मौत पर गहराया संदेह, घटना से पहले पति-पत्नी में झगड़े की बात; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

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Sirsa Mother Daughter Death

सिरसा : जिले के गांव शक्कर मंदोरी में 32 वर्षीय कविता और उसकी 2 वर्षीय बेटी की आग में झुलसने के बाद मौत के मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। मायका पक्ष घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। पुलिस ने कविता के पति और ससुर से पूछताछ की है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और पोस्टमॉर्टम समेत अन्य रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

परिवार का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आग लगने के बाद दो वर्षीय बच्ची कमरे से बाहर निकल सकी तो कविता बाहर क्यों नहीं निकल पाई। मायका पक्ष आशंका जता रहा है कि घटना से पहले कविता के साथ कुछ हुआ हो सकता है। हालांकि इन आशंकाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी और उसे उपचार के लिए हिसार ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका पोस्टमॉर्टम भी हिसार में कराया गया है।

पुलिस के अनुसार कविता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। विसरा भी जांच के लिए लैब भेजे जाने की प्रक्रिया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मां-बेटी की मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है।

घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच कविता और उसके पति संदीप के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद संदीप के सिरसा चले जाने की बात बताई गई है। पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ और घटना के समय परिवार के सदस्य कहां मौजूद थे।

ससुराल पक्ष की ओर से बताया गया कि घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य खेत में गए हुए थे। पुलिस इन बयानों की भी जांच कर रही है। कविता की शादी करीब चार साल पहले हुई थी और उसकी एक बेटी थी।

घटना के बाद अस्पताल में मायका और ससुराल पक्ष के लोग अलग-अलग बैठे दिखाई दिए। मायका पक्ष का कहना है कि उन्होंने कविता के पति से घटना के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन उसके जवाब से वे संतुष्ट नहीं हुए। परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मायका पक्ष के मुताबिक घटना वाले दिन कविता ने कुछ समय पहले ही अपने परिवार से फोन पर बातचीत की थी। उसके भाई सतीश के बेटे का जन्मदिन था। दोपहर करीब 1:35 बजे कविता ने अपने भाई के फोन पर भाभी से बात की और कहा कि बच्ची सो रही है, बाद में वीडियो कॉल करेगी। इसके करीब पांच मिनट बाद उसने अपने पिता बनारसी दास से भी फोन पर बातचीत की थी।

परिवार का कहना है कि इसके करीब एक घंटे बाद उन्हें कविता और बच्ची के आग में झुलसने की सूचना मिली। जब मायका पक्ष शक्कर मंदोरी स्थित घर पहुंचा तो कमरे में आग से भारी नुकसान हो चुका था। सोफा, चारपाई, टेबल, अलमारी और अन्य सामान जला हुआ था। परिवार के अनुसार कविता कमरे में पड़ी मिली, जबकि बच्ची को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था।

जिस कमरे में घटना हुई, वह मकान के पिछले हिस्से में बताया गया है। कमरे की एक तरफ घर के अंदर और दूसरी तरफ खेतों की ओर जाने का रास्ता है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

कविता के भाई सतीश ने ससुराल पक्ष पर पारिवारिक लेन-देन को लेकर विवाद होने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी दोनों परिवारों के बीच इस विषय को लेकर बातचीत और पंचायत हुई थी। रक्षाबंधन के बाद कविता कुछ समय अपने मायके रावलवास कलां, हिसार में भी रही थी। बाद में वह वापस ससुराल आई थी।

ये सभी आरोप फिलहाल मायका पक्ष के हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पति, ससुर और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और परिवार के बयानों को जोड़कर घटनाक्रम स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मां-बेटी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल मामले को संदिग्ध मानकर विभिन्न पहलुओं से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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