नूंह में जमानत पर बाहर आए पूर्व सरपंच के समर्थन में निकला जुलूस, हथियार लहराने और रोड जाम के आरोप; 100 से ज्यादा पर केस

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Nuh Former Sarpanch

नूंह : भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद रहे नहेदा गांव के पूर्व सरपंच नसरू को जमानत मिलने के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मौजूदा सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व सरपंच समेत छह नामजद और करीब 100 से 120 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोप है कि 19 सितंबर को जमानत मिलने के बाद पूर्व सरपंच के समर्थक बड़ी संख्या में जेल के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद थार और स्कॉर्पियो समेत कई गाड़ियों तथा बाइकों के साथ बड़ा मोड़-जुरहेड़ा रोड से नहेदा गांव तक करीब छह से सात किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया।

मौजूदा सरपंच जुबैर की शिकायत के मुताबिक जुलूस में करीब 10 से 12 गाड़ियां और 30 से 40 बाइक शामिल थीं। आरोप है कि कुछ युवक गाड़ियों की छत पर चढ़कर जश्न मनाते दिखाई दिए और तेज आवाज में डीजे बजाया गया। सड़क पर वाहनों के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

शिकायत में जुलूस के दौरान आतिशबाजी करने और कुछ लोगों द्वारा देसी कट्टे जैसे कथित हथियार लहराने के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा मौजूदा सरपंच को धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर जुलूस में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

नूंह पुलिस के मुताबिक बिछौर थाने में पूर्व सरपंच नसरू सहित छह नामजद और करीब 100 से 120 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में राशीद, साबिर, आशीफ, तोफिक और जाबीद समेत अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है।

पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है, जबकि सोशल मीडिया और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो की जांच कर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

पूर्व सरपंच नसरू इससे पहले पंचायत से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। मौजूदा सरपंच जुबैर के मुताबिक उसने पंचायत राशि में कथित धोखाधड़ी और गबन को लेकर बीडीपीओ कार्यालय पुन्हाना में शिकायत की थी। जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद नसरू को 22 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उसे 19 सितंबर को अदालत से जमानत मिली।

दोनों पक्षों के बीच पंचायत रिकॉर्ड को लेकर भी पुराना विवाद बताया गया है। जुबैर के अनुसार फरवरी 2023 में पूर्व सरपंच नसरू और कुछ अन्य लोग पंचायत का पुराना रिकॉर्ड लेने उसके घर आए थे। आरोप है कि रिकॉर्ड ले जाने के बाद उसे वापस नहीं किया गया।

मौजूदा सरपंच का आरोप है कि रिकॉर्ड वापस मांगने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। इस संबंध में उसने पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी और बाद में जनवरी 2026 में दोबारा शिकायत की। इसके बाद बिछौर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

अब जमानत के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर अलग मामला दर्ज होने से पूर्व सरपंच और उसके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि जुलूस में हथियार लहराने, धमकी देने और अन्य आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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