रोहतक जिले के गांव रूड़की की बॉक्सर प्रवीण हुड्डा ने एशियन गेम्स की महिला 65 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की ली शू को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ प्रवीण ने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। अब उनका लक्ष्य फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक हासिल करना है।
सेमीफाइनल मुकाबले में प्रवीण ने ली शू के खिलाफ निर्णायकों का एकतरफा फैसला अपने पक्ष में किया। ली शू एशियन चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता रही हैं। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 5-0 की जीत के बाद प्रवीण खिताबी मुकाबले में पहुंचीं। मैच समाप्त होने पर रेफरी ने प्रवीण को विजेता घोषित किया।
फाइनल में प्रवीण का मुकाबला ताइवान की चेन निएन-चिन से होगा। चेन विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। खिताबी मुकाबले का परिणाम तय करेगा कि प्रवीण भारत के लिए स्वर्ण पदक लेकर लौटेंगी या रजत पदक। उनके सेमीफाइनल जीतते ही हरियाणा के खेल प्रेमियों की निगाहें अब फाइनल पर टिक गई हैं।
प्रवीण की जीत की खबर मिलने के बाद उनके गांव रूड़की में खुशी है। खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल ने उन्हें फाइनल में पहुंचने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रवीण की उपलब्धि से गांव, रोहतक और हरियाणा को गर्व हुआ है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रवीण का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों, खासकर खेल में आगे बढ़ना चाहने वाली लड़कियों को प्रेरित करेगा।
रूड़की से अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी के मंच तक पहुंची प्रवीण के लिए यह मुकाबला अहम है। सेमीफाइनल की जीत से भारत का पदक तय हो चुका है, लेकिन पदक का रंग फाइनल के बाद ही स्पष्ट होगा। गांव के लोग और खेल से जुड़े लोग अब उनके खिताबी मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं।
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