हरियाणा कांग्रेस ने सोमवार को मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के विरोध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। पार्टी ने इन प्रदर्शनों के लिए अलग-अलग नेताओं की जिम्मेदारी तय की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल किए। ये कांग्रेस के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत जानकारी में नहीं की गई है।
पानीपत में पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता में कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए जुटे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। करनाल में बारिश के बीच कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी चौक पर नारेबाजी की। सिरसा में विधायक भरत सिंह बेनीवाल काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुए। यमुनानगर में भी कांग्रेस कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए।
कुछ जिलों में प्रदर्शन का तरीका अलग रहा। भिवानी में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने एक व्यक्ति को प्रतीकात्मक रूप से बेड़ियां बांधकर घुमाया। रोहतक में प्रदर्शनकारियों ने पुतले को डंडों और जूतों से पीटा। इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के प्रति अपना विरोध जताया।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। राव नरेंद्र के अनुसार, कांग्रेस निष्पक्ष चुनाव प्रणाली में विश्वास रखने वाले नागरिकों की ओर से यह मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।
प्रदेशव्यापी प्रदर्शन में कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के अपने आरोपों को दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता दी। विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी, पुतला दहन और प्रतीकात्मक विरोध के जरिए अपनी बात रखी। उपलब्ध जानकारी में चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से इन प्रदर्शनों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
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