सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण से जुड़े iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की ताजा प्रदर्शन रैंकिंग में हरियाणा ने कैटेगरी ‘बी’ में पहला स्थान हासिल किया है। इस श्रेणी में एक लाख से पांच लाख कर्मचारियों वाले राज्य शामिल हैं। हरियाणा को 60.72 का कंपोजिट स्कोर मिला है। कर्नाटक का स्कोर 60.47 और तेलंगाना का 60.39 रहा।
केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा संचालित इस प्लेटफॉर्म पर सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण और सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। ताजा रैंकिंग में हरियाणा का स्कोर कर्नाटक से 0.25 और तेलंगाना से 0.33 अंक अधिक रहा है। यह उपलब्धि प्लेटफॉर्म की संबंधित कर्मचारी संख्या वाली श्रेणी में दर्ज की गई है।
कर्मयोगी भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी छवि भारद्वाज ने इस संबंध में पत्र भेजा है। इसके आधार पर हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय के प्रशिक्षण विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र में कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने और नियमित प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है।
केंद्र की ओर से राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। इसके साथ ही राज्य के सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कुल संख्या की पुष्टि 30 सितंबर 2026 तक करने को कहा गया है। इस निर्देश के तहत कर्मचारियों की संख्या और प्लेटफॉर्म से उनके जुड़ाव की जानकारी जुटाई जानी है।
सरकारी कर्मचारियों को लगातार सीखने और अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए हर महीने कम से कम एक घंटे का कोर्स अथवा प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों के माध्यम से होगा। निर्देश में नियमित रूप से सीखने की प्रक्रिया जारी रखने पर ध्यान दिया गया है।
क्षेत्रीय भाषा में स्थानीय पाठ्यक्रम तैयार करने का भी उल्लेख किया गया है। मुख्य सचिव कार्यालय ने प्रशासनिक सचिवों को पत्र के आधार पर कार्रवाई करने को कहा है। अब संबंधित विभागों को फ्रंटलाइन कर्मचारियों को जोड़ने, उनकी संख्या की पुष्टि करने और मासिक प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने संबंधी निर्देशों पर काम करना होगा।
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