देहरादून में उत्तराखंड प्रीमियर लीग के फाइनल कार्यक्रम में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की प्रस्तुति का विरोध हुआ। एक अक्टूबर को रायपुर स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बाहर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गायक और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
विरोध के बीच मासूम शर्मा ने कार्यक्रम शुरू करने से पहले मंच से उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगी। उन्होंने देवभूमि को प्रणाम करते हुए कहा कि यदि उनके किसी प्रशंसक या विरोधी को उनकी किसी बात से नाराजगी हुई है, तो वह दिल से क्षमा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
मासूम शर्मा ने देहरादून आकर उत्तराखंड के साथ अपना जुड़ाव फिर महसूस करने की बात कही। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का आभार जताया और यूपीएल के तीसरे सीजन के फाइनल के लिए खिलाड़ियों तथा दर्शकों को शुभकामनाएं दीं। आयोजन के लिए महिम वर्मा को धन्यवाद देते हुए उन्हें मंच पर आमंत्रित किया। इसके बाद उन्होंने अपनी संगीत प्रस्तुति शुरू की।
यूकेडी नेता लुशुन टडोरिया ने आरोप लगाया कि स्थानीय संस्कृति से जुड़े कलाकारों की उपेक्षा की जा रही है, जबकि विवादित कलाकारों को बड़ी रकम देकर बुलाया जाता है। उन्होंने पांडवाज ग्रुप के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
विरोध की पृष्ठभूमि में 11 अप्रैल 2026 को देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह का विवाद है। उस कार्यक्रम में मंच से कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर डालनवाला पुलिस ने मासूम शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी उन्हें समन भेजा था।
यूपीएल फिनाले में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने दर्शकों के लिए निशुल्क प्रवेश रखा था। कार्यक्रम से पहले मासूम शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुराने गिले-शिकवे दूर करने और लोगों से कार्यक्रम में आने की अपील भी की थी।
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