ताबूत में लौटा करनाल का 21 वर्षीय युवक, इकलौते बेटे को अंतिम विदाई देते टूट गया परिवार

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Anil Maan Death

करनाल, 17 अक्टूबर। हरियाणा के करनाल जिले के बल्ला गांव में शनिवार को उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब अमेरिका में जान गंवाने वाले 21 वर्षीय अनिल मान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। करीब 15 दिन पहले अमेरिका में अनिल की मौत हो गई थी। बेटे का शव देखते ही मां और चचेरी बहन फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार की अन्य महिलाओं ने उन्हें संभालने का प्रयास किया।
परिजनों के अनुसार, अनिल करीब चार वर्ष पहले बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद लेकर अमेरिका गया था। विदेश पहुंचने के लिए उसने अवैध प्रवासन के रास्ते, जिसे आमतौर पर डंकी रूट कहा जाता है, का सहारा लिया था। इस पूरी प्रक्रिया में परिवार के लगभग 45 लाख रुपये खर्च हुए थे।
अनिल को विदेश भेजने के लिए परिवार ने अपनी डेढ़ एकड़ कृषि भूमि तक बेच दी थी। परिजनों को उम्मीद थी कि अमेरिका में मेहनत करके वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाएगा, लेकिन उसकी असमय मौत से परिवार की उम्मीदें टूट गईं।
बताया गया कि अनिल के पिता ऋषिपाल और चाचा का परिवार एक साथ रहता है। दोनों परिवारों में अनिल इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी एक चचेरी बहन भी है। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों ने बताया कि अमेरिका से अनिल का पार्थिव शरीर भारत भेजने की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती थी। इसके लिए वहां रहने वाले उसके दोस्तों और भारतीय समुदाय के लोगों ने मिलकर आर्थिक सहयोग जुटाया। शव को स्वदेश लाने में करीब 25 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
शनिवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। पिता ऋषिपाल ने नम आंखों से बेटे की चिता को मुखाग्नि दी।
इस घटना ने विदेश में बेहतर भविष्य की तलाश में जाने वाले युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और अवैध प्रवासन के जोखिमों की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है। हालांकि, अनिल की मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है।

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