अंतिम विदाई के दौरान शुल्क को लेकर हंगामा, श्मशान घाट की व्यवस्था पर उठे सवाल

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Cremation Charges Dispute

सिरसा, 17 अक्टूबर। हरियाणा के सिरसा शहर की शिवपुरी में अंतिम संस्कार करने पहुंचे एक परिवार और वहां तैनात कर्मचारियों के बीच शुल्क को लेकर विवाद हो गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं के नाम पर उनसे करीब 7,400 रुपये मांगे गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें परिवार के सदस्य शुल्क को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं।
मृतक के बेटे जगतार सिंह ने आरोप लगाया कि शिवपुरी के कर्मचारी बार-बार छह हजार रुपये की पर्ची कटवाने पर जोर दे रहे थे। इसके अतिरिक्त लकड़ी, गंगाजल और अन्य सामग्री के लिए अलग-अलग शुल्क जोड़कर कुल रकम करीब 7,400 रुपये बताई गई।
परिवार का कहना है कि उनके पास उस समय पर्याप्त नकदी नहीं थी। उन्होंने ऑनलाइन भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्हें किसी परिचित से मुश्किल से नकदी मंगवानी पड़ी।
वायरल वीडियो में परिवार के सदस्य सवाल उठाते सुनाई दे रहे हैं कि यदि किसी गरीब मजदूर की दैनिक कमाई महज 500 रुपये हो, तो वह अंतिम संस्कार के लिए छह हजार रुपये कैसे जुटाएगा।
जगतार सिंह के अनुसार, कर्मचारियों ने उनसे कहा कि यदि निर्धारित शुल्क नहीं देना चाहते तो लकड़ी बाहर से लेकर आ सकते हैं, लेकिन पर्ची यहीं कटेगी। कर्मचारियों ने कथित तौर पर स्टाफ के वेतन, लकड़ी की खरीद और बाहर से मंगाए जाने वाले गंगाजल के खर्च का हवाला दिया।
विवाद बढ़ने पर स्थानीय पार्षद ने भी मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के अनुसार कोई समाधान नहीं निकल सका।
दूसरी ओर, शिवपुरी के प्रबंधक चेतन शर्मा ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि परिवार के पास पैसे नहीं थे तो किसी ने जबरदस्ती नहीं की थी। उन्होंने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया।
इस घटना के बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में शुल्क निर्धारण, भुगतान के विकल्प और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, शुल्क की वैधता और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।

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