अस्पतालों को मिलेंगे 19 नए नवजात वेंटिलेटर, 7 करोड़ रुपये होंगे खर्च; SNCU में संख्या 73 पहुंचेगी

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Haryana Health Department

हरियाणा। प्रदेश में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत राज्य के अस्पतालों में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से 19 अतिरिक्त नवजात वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे जन्म के बाद गंभीर स्थिति में भर्ती होने वाले बच्चों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

नवजात वेंटिलेटर की संख्या 54 से बढ़कर 73 होगी

वर्तमान में हरियाणा की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (SNCU) में 54 नवजात वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। नए 19 वेंटिलेटर मिलने के बाद इनकी कुल संख्या बढ़कर 73 हो जाएगी।

इन उपकरणों की मदद से गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को सांस लेने में सहायता दी जा सकेगी। खासकर उन बच्चों के इलाज में सुविधा बढ़ेगी, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद सांस संबंधी समस्याओं के कारण विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है।

SNCU को आधुनिक देखभाल इकाइयों के रूप में विकसित करने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में नवजात शिशु देखभाल इकाइयों को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके तहत SNCU को एकीकृत मातृ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयों के रूप में विकसित करने की प्रदेशव्यापी पहल भी शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य मां और नवजात दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।

गंभीर नवजातों को समय पर मिलेगा उपचार

नए वेंटिलेटर उपलब्ध होने से अस्पतालों में गंभीर हालत वाले नवजात शिशुओं के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। इससे विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों को समय पर सांस संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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